Puri Rath Yatra 2026: महाप्रभु श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा 2026 के दौरान पुरी में श्रद्धालुओं का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। देश-विदेश से पहुंचे लाखों भक्त अपने आराध्य के दर्शन के लिए रथ यात्रा में शामिल हुए। पूरे शहर में ‘जय श्री जगन्नाथ’ के उद्घोष गूंजते रहे और श्रद्धा, भक्ति तथा उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला।
भीड़ के बीच बिगड़ी श्रद्धालु की तबीयत
रथ यात्रा के मुख्य मार्ग बड़ा डांड पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच अचानक एक श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल चिकित्सा सहायता के लिए एम्बुलेंस को मौके पर बुलाया गया, लेकिन मार्ग पर लाखों लोगों की मौजूदगी बड़ी चुनौती थी।
जैसे ही एम्बुलेंस का सायरन गूंजा, पैर रखने तक की जगह न होने के बावजूद लाखों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने बिना किसी अफरा-तफरी के, पलक झपकते ही दोनों तरफ सिमटकर एक लंबा मानवीय कॉरिडोर बना दिया। इस काम में RSS स्वयंसेवकों ने अहम भूमिका निभाई। इसके बाद एम्बुलेंस बिना रुके सीधे मरीज तक पहुंच गई और उसे तुरंत उपचार के लिए अस्पताल ले जाया जा सका।
एम्बुलेंस के लिए बना यह मानवीय कॉरिडोर कुछ ही क्षणों में तैयार हो गया। भीड़ में मौजूद श्रद्धालुओं ने बिना किसी अफरा-तफरी के रास्ता खाली किया, जिससे एम्बुलेंस समय पर मरीज तक पहुंच सकी और उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
RSS स्वयंसेवकों ने संभाली व्यवस्थाएं
रथ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन के साथ कई सामाजिक संगठन भी एक्टिव रहे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सैकड़ों स्वयंसेवक रथ यात्रा मार्ग, पार्किंग स्थलों और चिकित्सा सहायता शिविरों सहित विभिन्न व्यवस्थाओं में मुस्तैदी से सहयोग करते नजर आए। स्वयंसेवकों ने भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करने में प्रशासन का सहयोग किया।
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