Punjab Congress: पंजाब कांग्रेस में पिछले कुछ समय से चल रही अंदरूनी खींचतान के बीच दिल्ली में कांग्रेस हाइकमान और बागी नेताओं की अहम बैठक हुई है। कांग्रेस मुख्यालय में करीब तीन घंटे तक चली इस बैठक में पंजाब के मौजूदा राजनीतिक हालात और संगठन से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की गई। बैठक के बाद पार्टी के भीतर सुलह के संकेत देखने को मिले और बागी गुट के तेवर पहले के मुकाबले नरम नजर आए।
हाईकमान के फैसले पर जताई सहमति
बैठक के बाद कांग्रेस सांसद और पंजाब कांग्रेस कैंपेन कमेटी के चेयरमैन चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि उन्हें अपनी बात रखने के लिए बुलाया गया था और उन्होंने हाईकमान के सामने अपना पक्ष रख दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी जो भी निर्णय लेगी, उसे पूरी तरह स्वीकार किया जाएगा। चन्नी ने कहा, “हम पार्टी के साथ खड़े हैं। हम पार्टी हाईकमान का सम्मान करते हैं। राहुल गांधी हमारे नेता हैं। हम उनसे प्रेम करते हैं। हमारा किसी को शर्मिंदा करने या किसी को नीचा दिखाने का कोई इरादा नहीं है।”
अंतिम निर्णय हमेशा उच्च कमान का होता है- चन्नी
उन्होंने आगे कहा, हम बस पंजाब में पार्टी को आगे ले जाना चाहते हैं। हमने अपना पक्ष रख दिया है। आलाकमान ने हमारी बात सुनी है। अंतिम निर्णय हमेशा उच्च कमान का होता है। वे जो भी फैसला करेंगे, हम उसे स्वीकार करेंगे। उसी के अनुसार आगे बढ़ेंगे। हम कभी पार्टी के खिलाफ नहीं रहे हैं न ही हमने कभी इसे शर्मिंदा करने की कोशिश की है। पार्टी जो भी निर्णय लेगी, हम उसका पालन करेंगे, ऑल इज वेल।” चन्नी ने दोहराया कि उनका उद्देश्य केवल पंजाब में कांग्रेस को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी कार्यकर्ता और नेता संगठन के साथ मजबूती से खड़े हैं और हमेशा पार्टी की लाइन का पालन करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वह कभी पार्टी के खिलाफ नहीं रहे।
बैठक में क्या हुई बातचीत?
पार्टी सूत्रों के अनुसार, बैठक के दौरान बागी नेताओं को साफ संदेश दिया गया कि अनुशासनहीनता या बगावत की स्थिति में सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी साफ कर दिया गया कि पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ही बने रहेंगे और नेतृत्व में फिलहाल कोई बदलाव नहीं होगा। बैठक में परगट सिंह और सुखजिंदर सिंह रंधावा भी मौजूद रहे।
प्रदेश नेतृत्व को लेकर चल रही थी नाराजगी
पंजाब में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व को लेकर अंदरूनी मतभेद सामने आए थे। चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व वाला खेमा अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के प्रदेश अध्यक्ष बने रहने से नाराज बताया जा रहा था। इसी विवाद को सुलझाने के लिए हाल ही में पंजाब कांग्रेस के प्रभारी और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पंजाब का दौरा कर कई नेताओं के साथ बैठक की थी।
2022 चुनाव के बाद बदले थे राजनीतिक समीकरण
गौरतलब है कि वर्ष 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले कांग्रेस ने कैप्टन अमरिंदर सिंह की जगह चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाया था। हालांकि चुनाव में पार्टी को अपेक्षित सफलता नहीं मिली और 117 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस केवल 18 सीटें ही जीत सकी।
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