मिडिल ईस्ट में होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल के दिनों में अमेरिका द्वारा किए गए हवाई हमलों का ईरान ने करारा जवाब दिया। हालांकि इसी बीच ईरानी सरकार ने बड़ा दावा किया है कि अमेरिकी एयर स्ट्राइक में अब तक 30 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।
🔴 BREAKING: More than 30 civilians have been killed in US strikes targeting the country’s south over recent days, Iran’s government spokesperson, Fatemeh Mohajerani, says. pic.twitter.com/iwc1jd1EDu
— Al Arabiya English (@AlArabiya_Eng) July 15, 2026
ईरानी सरकार ने जताया शोक
ईरान सरकार की प्रवक्ता फातेमेह मोहाजेरानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हमलों में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार हर परिस्थिति में अपने नागरिकों के साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने दक्षिणी ईरान को देश की धड़कन बताते हुए प्रभावित लोगों के प्रति समर्थन जताया। ईरानी सेना के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी ईरान के इरानशहर स्थित बंपूर गैरिसन पर हुए हमले में सात सैनिकों की मौत हुई है। सेना ने इस कार्रवाई को “कायराना हमला” बताते हुए कहा कि इसका जवाब सही समय पर दिया जाएगा। जानकारी के मुताबिक, अमेरिका ने इस सैन्य छावनी पर 13 मिसाइलें दागीं। हमले में 388वीं ब्रिगेड के सात सैनिक मारे गए, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। ईरानी सेना का कहना है कि पहले से किए गए सुरक्षा इंतजामों के कारण नुकसान सीमित रहा।
संयुक्त राष्ट्र में ईरान ने हूती संगठन को लेकर दी सफाई
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी प्रतिनिधि अमीर-सईद इरावानी ने यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेस को पत्र लिखकर कहा है कि यमन का हूती संगठन ईरान के निर्देशों पर काम नहीं करता। उन्होंने कहा कि यह दावा पूरी तरह निराधार है कि अंसार अल्लाह ईरान के इशारे पर अपने फैसले लेता है।इरावानी के अनुसार, सना की सरकार यमन के लोगों के एक बड़े हिस्से का प्रतिनिधित्व करती है और अपने निर्णय स्वतंत्र रूप से, स्थानीय हितों को ध्यान में रखकर लेती है। हालांकि, हूती समूह को लंबे समय से ईरान का करीबी सहयोगी माना जाता है और हाल के वर्षों में उसने फिलिस्तीन के समर्थन और इजराइल के विरोध में कई हमले किए हैं।
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