Punjab and Chandigarh Weather: पंजाब और चंडीगढ़ में फिलहाल मानसून की रफ्तार थम गई है। बारिश का सिलसिला कमजोर पड़ने से राज्य के कई हिस्सों में तापमान और उमस बढ़ने लगी है। चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र ने 15 जुलाई के लिए फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मोगा, बठिंडा, बरनाला और मानसा में एक-दो स्थानों पर गर्म और उमस भरे मौसम को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना भी जताई गई है।
इन जिलों में हो सकती है बारिश
मौसम विभाग के अनुसार पठानकोट के कुछ स्थानों के अलावा गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर, नवांशहर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, बठिंडा, रूपनगर और मोहाली में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। हालांकि, पूरे राज्य में तेज बारिश की संभावना फिलहाल कम बनी हुई है।
तापमान में हुई बढ़ोतरी
बीते 24 घंटों के दौरान पंजाब के अधिकतम तापमान में 0.5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे तापमान सामान्य स्तर के करीब पहुंच गया। राज्य में बठिंडा सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
अगले कुछ दिन ऐसा रहेगा मौसम
चंडीगढ़ मौसम विज्ञान के मुताबिक, मानसून इस समय कमजोर चरण में है। अगले 3 से 4 दिनों तक पंजाब में तेज बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि, कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ सकती हैं। फिलहाल मानसून पहाड़ी क्षेत्रों में एक्टिव है, इसलिए पंजाब और हरियाणा के मैदानी इलाकों में बारिश कम हो रही है। इस दौरान अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी होगी और हवा में नमी अधिक रहने के कारण लोगों को उमस का सामना करना पड़ेगा। पहाड़ों में होने वाली बारिश का असर बीच-बीच में मैदानी इलाकों के मौसम पर भी देखने को मिलेगा।
19 जुलाई के बाद बदलेगा मौसम
मौसम विभाग का अनुमान है कि 19 जुलाई के बाद बंगाल की खाड़ी से आने वाली मानसूनी शाखा दोबारा सक्रिय होगी। इसके प्रभाव से 20, 21 और 22 जुलाई के दौरान पंजाब के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। बारिश बढ़ने के बाद अधिकतम तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।
गर्मी बढ़ने से बिजली की मांग में उछाल
उमस और बढ़ते तापमान का असर बिजली की खपत पर भी दिखाई देने लगा है। मंगलवार को पंजाब में बिजली की अधिकतम मांग 14,948 मेगावाट दर्ज की गई। राज्य के अपने बिजलीघरों से 5,926 मेगावाट बिजली का उत्पादन हुआ, जबकि शेष जरूरत पूरी करने के लिए ग्रिड से 9,031 मेगावाट बिजली ली गई। इस दौरान ग्रिड की फ्रीक्वेंसी 49.93 हर्ज दर्ज की गई। बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए सरकार अतिरिक्त बिजली खरीदकर व्यवस्था संभाल रही है।
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