भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) आज, 15 जुलाई से आधिकारिक रूप से लागू हो गया है। लगभग तीन वर्षों तक चली बातचीत और 14 दौर की वार्ताओं के बाद यह समझौता लागू हुआ है। इस समझौते पर 24 जुलाई 2025 को भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और ब्रिटेन के व्यापार मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए थे।
ब्रिटेन से आने वाले कई उत्पाद होंगे सस्ते
FTA लागू होने के बाद भारत में ब्रिटेन से आयात होने वाले कई उत्पादों पर सीमा शुल्क (टैरिफ) में बड़ी कटौती की गई है। इससे स्कॉच व्हिस्की, लग्जरी कारें, ब्रांडेड कपड़े, फुटवियर, चॉकलेट, बिस्किट, कॉस्मेटिक्स, मेडिकल डिवाइस और प्रीमियम खाद्य उत्पाद पहले की तुलना में कम कीमत पर उपलब्ध हो सकेंगे।
स्कॉच व्हिस्की पर अभी तक 150% आयात शुल्क लगता था, जिसे घटाकर 75% किया गया है। अगले दस वर्षों में इसे 40% तक लाया जाएगा। वहीं, कोटा व्यवस्था के तहत जगुआर लैंड रोवर, रोल्स-रॉयस और एस्टन मार्टिन जैसी ब्रिटिश लग्जरी कारों पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी में भी बड़ी कमी की गई है, जिससे उनकी कीमतों में 20 से 30 प्रतिशत तक गिरावट आने की संभावना है।
भारतीय निर्यातकों को मिलेंगे अवसर
इस समझौते का सबसे बड़ा लाभ भारतीय निर्यातकों को मिलेगा। अब भारत के 99% उत्पादों को ब्रिटेन में जीरो टैरिफ के साथ प्रवेश मिलेगा। इससे टेक्सटाइल, रेडीमेड गारमेंट्स, लेदर उत्पाद, ज्वेलरी, इंजीनियरिंग सामान, ऑटो पार्ट्स, फार्मास्यूटिकल्स, बासमती चावल, चाय, मसाले और समुद्री उत्पादों के निर्यात को नई गति मिलने की उम्मीद है। इससे भारतीय उत्पाद ब्रिटेन में अधिक प्रतिस्पर्धी कीमतों पर उपलब्ध होंगे, जिससे निर्यात बढ़ने के साथ-साथ MSME सेक्टर, विनिर्माण उद्योग और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
2030 तक व्यापार दोगुना होने की उम्मीद
इस व्यापार समझौते से वर्ष 2030 तक भारत और ब्रिटेन के बीच द्विपक्षीय व्यापार 120 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। इससे निवेश, रोजगार और विनिर्माण क्षेत्र को भी मजबूती मिलेगी। ब्रिटेन की हाई कमिश्नर लिंडी कैमरन ने इसे दोनों देशों की आर्थिक साझेदारी के लिए एक “ऐतिहासिक क्षण” बताया है, जो भविष्य में व्यापार और निवेश के नए अवसर खोलेगा।
ब्रिटिश सरकार द्वारा इसे लेकर बीते महीने जो अनुमान की गई थी, उनके अनुसार, भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था में 4.8 अरब पाउंड का इजाफा होगा और वास्तविक वेतन में 2.2 अरब पाउंड की वृद्धि देखने को मिलेगी, इस समझौते को भारत द्वारा अब तक लागू किया गया सबसे बड़ा व्यापारिक समझौता हैं।

