Shri Jagannath Rath Yatra 2026: पुरी में भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। एक ओर मंदिर प्रशासन ने रथयात्रा की अंतिम तैयारियों को पूरा कर लिया है, वहीं दूसरी ओर पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक इंतजाम किए हैं। अब श्रद्धालुओं को उस ऐतिहासिक क्षण का इंतजार है, जब महाप्रभु जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ श्री गुंडिचा मंदिर के लिए प्रस्थान करेंगे।
देश-विदेश से पहुंच रहे श्रद्धालु
रथयात्रा शुरू होने से पहले ही पुरी में श्रद्धालुओं का पहुंचना लगातार जारी है। देश के अलग-अलग राज्यों के अलावा विदेशों से भी बड़ी संख्या में भक्त भगवान जगन्नाथ के दर्शन और रथयात्रा में शामिल होने के लिए पुरी पहुंच रहे हैं। रेलवे स्टेशन से लेकर एयरपोर्ट तक श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बढ़ रही है, जिससे पूरे शहर में उत्साह और आस्था का माहौल बना हुआ है।
रथों की सजावट और मार्ग तैयार
रथयात्रा से पहले भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के विशाल रथों की अंतिम सजावट पूरी कर ली गई है। वहीं, श्री गुंडिचा मंदिर से लेकर श्रीमंदिर तक पूरे मार्ग को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। चारों ओर भक्ति, श्रद्धा और उत्सव का माहौल दिखाई दे रहा है। हर साल इस रथयात्रा में लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं और इस बार भी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
यात्रा को सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराने के लिए प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। पूरे रथ मार्ग पर पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती रहेगी। चप्पे-चप्पे की निगरानी के लिए ड्रोन, सीसीटीवी कैमरों और कंट्रोल रूम की मदद ली जाएगी, ताकि हर गतिविधि पर लगातार नजर रखी जा सके।
श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर खास ध्यान
रथयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए स्वास्थ्य सेवाओं, एंबुलेंस, पेयजल और दूसरी जरूरी सुविधाओं की खास व्यवस्था की गई है। प्रशासन का उद्देश्य है कि लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बीच यात्रा पूरी तरह व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से पूरी हो।
ऐतिहासिक पल का इंतजार
अब सभी की नजर उस ऐतिहासिक क्षण पर टिकी है, जब विशाल रथों की रस्सियां लाखों श्रद्धालु अपने हाथों से खींचेंगे और ‘जय जगन्नाथ’ के गगनभेदी जयघोष के बीच महाप्रभु जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ नगर भ्रमण के लिए रवाना होंगे। पुरी एक बार फिर आस्था, श्रद्धा और उल्लास के अद्भुत संगम का साक्षी बनने जा रही है।
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