LPG Cylinders Washed Away in Floods: महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण HPCL के पातालगंगा एलपीजी बॉटलिंग प्लांट में जलभराव हो गया। इसके चलते प्लांट में रखे करीब 3,000 एलपीजी सिलेंडर, जिनमें भरे और खाली दोनों सिलेंडर शामिल थे, पातालगंगा नदी के तेज बहाव में बह गए। घटना के बाद प्रशासन ने लोगों से खास सावधानी बरतने की अपील की है।
कलेक्टर ने लोगों से की अपील
रायगढ़ के कलेक्टर किशन जावले ने लोगों से अपील की है कि नदी या समुद्र तट पर बहकर आने वाले किसी भी एलपीजी सिलेंडर को न छुएं और न ही उसे अपने घर ले जाएं। उन्होंने कहा कि यह तय नहीं किया जा सकता कि बहकर आए सिलेंडर में गैस भरी है या वे पूरी तरह सुरक्षित हैं। ऐसे में जिज्ञासा या उपयोग के लिए उन्हें उठाना, खोलना या घर ले जाना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
Straight out of Pushpa movie,
except it's not sandalwood, it's LPG cylinders.A flash #flood in #Raigad, #Maharashtra swept away hundreds of empty HPCL LPG cylinders after heavy rain sent torrents of water into the plant at Chavane village. #Monsoon pic.twitter.com/nGSfUMqsxo
— Manoj Gupta (@PassionForNews) July 8, 2026
प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर बढ़ाई निगरानी
प्रशासन का कहना है कि बाढ़ के पानी में बहकर आए सिलेंडर किसी भी स्थान पर पहुंच सकते हैं। ऐसे में लोगों से अपील की गई है कि यदि कहीं गैस सिलेंडर दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें और उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखें। प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।
महाराष्ट्र के रायगढ़ में फिलिंग प्लांट में ही बाढ़ आ गई, कई हजार की संख्या में एलपीजी गैस सिलेंडर पातालगंगा नदी में बह गए pic.twitter.com/b9OX9b6v1C
— Sunil Yadav (@sunilyadav21) July 9, 2026
सोशल मीडिया पर आए अलग-अलग रिएक्शन
घटना के बाद सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर कई तरह के रिएक्शन सामने आए हैं। एक्स यूजर विनोद पटेल ने वीडियो साझा करते हुए लिखा कि यह सीन फिल्म पुष्पा जैसा लग रहा है, जहां चंदन की लकड़ी की जगह गैस सिलेंडर पानी में बहते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि भारी बारिश के चलते HPCL के हजारों सिलेंडर तेज बहाव में बह गए।
सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल
एक अन्य यूजर ने लिखा कि ‘HPCL प्लांट में बाढ़ आने के बाद, भरे हुए और खाली, करीब 3,000 LPG सिलेंडर पातालगंगा नदी में बह रहे हैं।’ उन्होंने इसे केवल प्राकृतिक आपदा नहीं बल्कि सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और सुरक्षा व्यवस्था की विफलता बताया। यूजर का कहना था कि जब हाई-प्रेशर गैस सिलेंडर निचले इलाकों तक पहुंच सकते हैं, तो केवल लोगों को ‘इन्हें छुएं नहीं’ कह देना काफी नहीं है।
‘पुष्पा’ फिल्म से की गई घटना की तुलना
एक अन्य सोशल मीडिया यूजर ने इस घटना की तुलना फिल्म पुष्पा से करते हुए लिखा कि फर्क सिर्फ इतना है कि वहां चंदन की लकड़ी बह रही थी, जबकि यहां एलपीजी सिलेंडर पानी में बहते नजर आए। यूजर के अनुसार, रायगढ़ के चवाने गांव स्थित HPCL प्लांट में भारी बारिश के बाद तेज जलप्रवाह के कारण बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर बह गए।
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