Ram Mandir Donation Theft Case: राम मंदिर में चढ़ावा चोरी विवाद के बाद मंदिर प्रशासन को अधिक पारदर्शी और पेशेवर बनाने की दिशा में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज कर दी है। CEO को चुनने के लिए गठित तीन सदस्यीय सर्च कमेटी जल्द ऑनलाइन बैठक कर आवेदन प्रक्रिया और चुनने के मापदंड तय करेगी। सूत्रों के अनुसार, 22 जुलाई को प्रस्तावित ट्रस्ट बैठक में चयन प्रक्रिया की प्रगति और संभावित नामों पर चर्चा हो सकती है।
इन मापदंडों पर होगा चयन
सूत्रों के मुताबिक, सीईओ का चयन केवल प्रशासनिक अनुभव के आधार पर नहीं होगा, बल्कि उम्मीदवार की ईमानदारी, धार्मिक आस्था और बड़े संस्थानों के संचालन के अनुभव को भी परखा जाएगा। चयन प्रक्रिया में बैकग्राउंड वेरिफिकेशन और व्यक्तिगत इंटरव्यू अनिवार्य होंगे। सर्च कमेटी करीब 10 प्रमुख मापदंड तय करेगी, जिनके आधार पर इच्छुक उम्मीदवारों से आवेदन मांगे जाएंगे। इसके बाद दस्तावेजों की जांच, सेवा रिकॉर्ड, चरित्र सत्यापन और इंटरव्यू के बाद योग्य नाम ट्रस्ट को दिए जाएंगे।
सर्च कमेटी में कौन-कौन शामिल
अयोध्या राम मंदिर के प्रबंधन को देश के अन्य बड़े मंदिरों की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में नए सीईओ में वित्तीय प्रबंधन, मानव संसाधन, भीड़ नियंत्रण, आपदा प्रबंधन और संसाधनों के कुशल संचालन की क्षमता होना जरूरी होगा। तीन सदस्यीय सर्च कमेटी में रिटायर न्यायाधीश प्रमोद कोहली, रिटायर लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हवारे शामिल हैं। कमेटी चयनित नामों को अंतिम मंजूरी के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपेगी।
‘राम मंदिर में चढ़ावा चोरी कलंक’
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने शनिवार को निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान चढ़ावा चोरी प्रकरण को कलंक बताया। उन्होंने कहा कि ‘राम मंदिर में चढ़ावा चोरी कलंक, अब नहीं होगी पुनरावृत्ति’। उन्होंने कहा कि लंबे संघर्ष, आंदोलन और बलिदान के बाद भगवान श्रीराम भव्य मंदिर में विराजमान हुए हैं और व्यवस्थाओं में सुधार के साथ भविष्य में ऐसी घटना दोबारा नहीं होने दी जाएगी।
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