प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी तीन देशों की यात्रा के अंतिम चरण में न्यूजीलैंड पहुंचे हैं। करीब चार दशक बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का यह पहला न्यूजीलैंड दौरा है। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने को लेकर कई महत्वपूर्ण समझौतों पर चर्चा हुई।
चंद्रयान मिशन और अंतरिक्ष साझेदारी का किया जिक्र
भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब भारत के चंद्रयान मिशन ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग की थी, तब न्यूजीलैंड में भी इस उपलब्धि का स्वागत किया गया था। उन्होंने बताया कि इस मिशन में न्यूजीलैंड की तकनीक और वहां की एक अंतरिक्ष कंपनी का भी सहयोग रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देश अब अंतरिक्ष क्षेत्र में अपनी साझेदारी को और मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता (FTA) दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई गति देगा।
रग्बी और स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी में सहयोग बढ़ाने पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत रग्बी के क्षेत्र में न्यूजीलैंड के अनुभव से सीखना चाहता है। उन्होंने कहा कि भारत को अनुभवी रग्बी कोचों और विशेषज्ञों की जरूरत है, जिसमें न्यूजीलैंड महत्वपूर्ण सहयोग दे सकता है। उन्होंने भुवनेश्वर में आयोजित न्यूजीलैंड रग्बी और रग्बी इंडिया के संयुक्त कोचिंग कार्यक्रम का जिक्र किया और इसे खेल सहयोग की अच्छी शुरुआत बताया। साथ ही उन्होंने स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच साझेदारी बढ़ाने की बात कही।
Incredible enthusiasm and affection at the community programme in Auckland. https://t.co/u4cv0Mx4ZJ
— Narendra Modi (@narendramodi) July 11, 2026
मेजर ध्यानचंद को किया याद
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि इस वर्ष भारत और न्यूजीलैंड के खेल संबंधों के 100 वर्ष पूरे हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक सदी पहले भारतीय हॉकी टीम न्यूजीलैंड के दौरे पर गई थी, जहां मेजर ध्यानचंद के शानदार प्रदर्शन ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दोनों देशों के पास खेलों के क्षेत्र में सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का अवसर है।
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