महाराष्ट्र सरकार ने डांस बार से जुड़े नियमों को और सख्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस(Devendra Fadnavis) के नेतृत्व वाली सरकार ने विधानसभा में एक नया विधेयक पेश किया है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य उन मामलों पर रोक लगाना है जहां कुछ बार चलाने वाले मौजूदा कानूनी हथकंडों का इस्तेमाल कर डांस बार जैसी गतिविधियां चला रहे हैं।
सरकार का कहना है कि कई होटल, बार और रेस्तरां ऑर्केस्ट्रा या लाइव म्यूजिक कार्यक्रमों के नाम पर लाइसेंस लेते हैं लेकिन बाद में इनकी आड़ में नियमों के उलट डांस परफॉर्मेंस आयोजित किए जाते हैं।
लाइसेंस प्रक्रिया में बदलाव का रखा प्रस्ताव
सरकार द्वारा पेश किए गए इस बिल के तहत होटल, रेस्तरां और बार में होने वाले ऑर्केस्ट्रा या लाइव म्यूजिक कार्यक्रमों के लिए लाइसेंस व्यवस्था में बदलाव किया जा सकता है जो कहता है कि ऐसे कार्यक्रमों की अनुमति अब केवल महाराष्ट्र पुलिस कानून के तहत नहीं दी जाएगी बल्कि इन्हें साल 2016 में लागू किए गए डांस बार संबंधी कानून के दायरे में भी इसको लाया जाएगा।
सिर्फ यही नहीं इस बदलाव के बाद किसी भी ऑर्गेनाइजेशन को लाइव म्यूजिक या ऑर्केस्ट्रा की अनुमति लेने के साथ-साथ डांस बार कानून में तय नियमों का भी पालन करना होगा।
सरकार ने बताई मौजूदा कानून की खामी
महाराष्ट्र के CM देवेंद्र फडणवीस ने पहले भी कहा था कि कुछ लोग मौजूदा नियमों की कमियों का फायदा उठाकर डांस बार चला रहे हैं। सरकार का दावा है कि कुछ ऑनर पुलिस कानून के तहत ऑर्केस्ट्रा लाइसेंस हासिल कर लेते हैं और उसका इस्तेमाल डांस कार्यक्रमों के लिए करते हैं।
महिलाओं की सुरक्षा पर जोर
सरकार का कहना है कि इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य कानून के दुरुपयोग को रोकना और डांस बार से जुड़ी गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखना है। यदि यह बिल कानून का रूप लेता है, तो बार और होटल संचालकों को 2016 के डांस बार कानून के तहत निर्धारित शर्तों और सुरक्षा नियमों का पालन करना होगा। इस कदम के जरिए सरकार डांस बार संचालन में पारदर्शिता बढ़ाने और नियमों को प्रभावी तरीके से लागू करने का प्रयास कर रही है।