Kailash Mansarovar Yatra: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनकपुर से कैलाश मानसरोवर यात्रा के पहले दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रवाना करने से पहले उन्होंने श्रद्धालुओं से संवाद किया और उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भगवान शिव से सभी यात्रियों की सुरक्षित और मंगलमय यात्रा की कामना की।
यह आत्मा का परमात्मा से मिलन- CM धामी
श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कैलाश मानसरोवर की यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि ‘यह आत्मा का परमात्मा से मिलन है’। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ लोगों के देश में केवल 49 श्रद्धालुओं को इस यात्रा का अवसर मिला है और यह भगवान शिव का विशेष आशीर्वाद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले दल को यहां से रवाना करना उनका केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि भगवान भोलेनाथ के चरणों में नतमस्तक होने का सौभाग्य भी है।
16 अगस्त तक चलेगी यात्रा
इस वर्ष कैलाश मानसरोवर यात्रा 4 जुलाई से शुरू होकर 16 अगस्त तक संचालित होगी। इस दौरान कुल 10 दलों में करीब 500 श्रद्धालु पवित्र यात्रा करेंगे। यात्रा मार्ग टनकपुर, चंपावत, लोहाघाट, पिथौरागढ़, धारचुला, गूंजी और लिपुलेख से होकर कैलाश मानसरोवर तक पहुंचेगा। यात्रियों की सुविधा के लिए यात्रा से जुड़ी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं बेहतर ढंग से की गई हैं।
पहले दल में 49 श्रद्धालु शामिल
पहले दल में कुल 49 श्रद्धालु शामिल हैं, जो देश के विभिन्न राज्यों से आए हैं। इनमें राजस्थान से सबसे अधिक 13 श्रद्धालु हैं। महाराष्ट्र से 9, दिल्ली से 7, उत्तर प्रदेश से 5, गुजरात, हरियाणा और तमिलनाडु से 3-3, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक से 2-2, जबकि उत्तराखंड, झारखंड, मध्य प्रदेश और तेलंगाना से 1-1 श्रद्धालु इस दल का हिस्सा हैं।
दो अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी
पहले दल के लाइजनिंग ऑफिसर के रूप में वंदना चौधरी और ऋषभ देव को नियुक्त किया गया है। दोनों अधिकारी पूरी यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के दल का काम, मार्गदर्शन और जरुरी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभालेंगे।
Read More:

