गुरुग्राम और नोएडा के संगीत प्रेमियों के लिए चार दिन भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध विरासत से रूबरू होने का खास अवसर नजर आया। अन्नपूर्णा देवी फाउंडेशन(Annapurna Devi Foundation) की ओर से आयोजित इस चार दिवसीय संगीत समारोह में देश के प्रतिष्ठित कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के जरिए सुरों की अनूठी छटा बिखेरी जिससे संपूर्ण महौल काफी सौंदर्यपूर्ण बन गया। यह आयोजन महान सुरबहार वादक अन्नपूर्णा देवी की स्मृति को समर्पित था।
इस समारोह में अलग-अलग शास्त्रीय वाद्यों और गायन शैलियों की प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को भारतीय संगीत की गहराई और विविधता का अनुभव कराया गया।
अनूप जलोटा के भजनों से भक्तिमय हुआ माहौल
आपको बता दें कि इस कार्यक्रम की शुरुआत 1 जुलाई को गुरुग्राम में हुई थी जिसके उद्घाटन में विदुषी सुदेश्ना भट्टाचार्जी ने सरोद वादन से वहां पर मौजूद तमाम सुनने वालों को मंत्रमुग्ध कर दिया और राग किरवानी की सुंदर प्रस्तुति भी इस बीच देखने को मिली। इसके बाद पंडित शुभेंद्र राव ने राग यमन में सितार वादन कर संगीत प्रेमियों को भावविभोर कर दिया।
पहले दिन का समापन पद्मश्री पंडित तरुण भट्टाचार्य के संतूर वादन से हुआ। समारोह का दूसरा दिन पद्मश्री अनूप जलोटा की प्रस्तुति के नाम रहा। उनके भावपूर्ण भजनों ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया और श्रोताओं को संगीत के साथ आत्मिक जुड़ाव का अनुभव कराया।
शहनाई वादन से हुई कार्यक्रम की शुरुआत
इसके बाद संगीत समारोह का आयोजन नोएडा में हुआ जहां पंडित लोकेश आनंद के शहनाई वादन से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। उन्होंने राग भीमपलासी की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। अनूप जलोटा ने भी यहां अपनी मधुर प्रस्तुतियों से संगीत प्रेमियों का दिल जीता जिसमें तबले पर पंडित प्रसेनजीत पोद्दार ने संगत दी।


