अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक के बाद कई महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी सामने आई है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी महाराज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि हालिया घटना को देखते हुए ट्रस्ट ने कुछ जरूरी निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर से जुड़ी चोरी की घटना बेहद दुखद है और इससे पूरे ट्रस्ट को गहरा आघात पहुंचा है।
चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार
बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा(Champat Rai and Anil Mishra) द्वारा दिए गए इस्तीफों को स्वीकार कर लिया गया है। ट्रस्ट ने फिलहाल उनके दायित्वों का संचालन कृष्ण मोहन को सौंपने का फैसला लिया है। हालांकि, नए महासचिव की औपचारिक नियुक्ति अभी नहीं की गई है। इसी के साथ जब तक नई नियुक्ति नहीं होती तब तक कृष्ण मोहन दोनों पदों से जुड़े प्रशासनिक कार्यों का संचालन करेंगे।
चोरी की घटना पर ट्रस्ट ने जताया दुख
गोविंद देव गिरी महाराज ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए लाखों लोगों ने वर्षों तक संघर्ष और त्याग किया है। ऐसे में मंदिर से जुड़ी चोरी की घटना सिर्फ आर्थिक नुकसान नहीं बल्कि श्रद्धालुओं की भावनाओं को भी ठेस पहुंचाने वाली है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
दान और रिकॉर्ड को लेकर ट्रस्ट ने दी सफाई
प्रेस कॉन्फ्रेंस के समय ट्रस्ट ने दान और मंदिर में सुरक्षित रखी गई वस्तुओं को लेकर भी अपना पक्ष रखा। गोविंद देव गिरी ने बताया कि ट्रस्ट के पास 2,800 से अधिक वस्तुओं का विस्तृत रिकॉर्ड सुरक्षित है। मीडिया के सामने कुछ रजिस्टर और दर्ज वस्तुओं की जानकारी भी साझा की गई ताकि पारदर्शिता बनी रहे और किसी प्रकार की भ्रम दूर हो सके।
ट्रस्ट का कहना है कि भविष्य में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा तथा रिकॉर्ड प्रबंधन में अतिरिक्त सावधानी बरती जाएगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि श्रद्धालुओं का विश्वास कायम रहे और मंदिर की व्यवस्थाएं पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित होती रहें।