केन्द्र सरकार ने देशभर में VB-G-RAM-G योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्यों को ₹.25,863 करोड़ की पहली किस्त जारी कर दी है। केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्रियों के साथ आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान इस राशि को जारी किया। यह राशि योजना की मूल स्वीकृति के तहत जारी की गई है, ताकि राज्यों को प्रारंभिक स्तर पर पर्याप्त धन उपलब्ध हो सके और योजना का संचालन बिना किसी बाधा के किया जा सके।
बैठक के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पहली किस्त का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण श्रमिकों को उनका मेहनताना 15 दिनों के भीतर मिल सके। उन्होंने सभी राज्य सरकारों से आग्रह किया कि वे भी अपनी हिस्सेदारी समय पर जारी करें, जिससे भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो।
उन्होंने बताया कि VB-G-RAM-G योजना को 1 जुलाई से पूरे देश में बिना किसी व्यवधान के लागू करने का संकल्प लिया गया था और यह लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किया गया है। पहले लागू रही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से नई योजना में परिवर्तन पूरी तरह सहज रहा है तथा अब तक किसी भी प्रकार की तकनीकी या संचालन संबंधी समस्या सामने नहीं आई है।
केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि योजना के पहले सप्ताह में ही बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों में कार्य शुरू हो चुका है और लाखों ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने विशेष रूप से आंध्र प्रदेश, केरल और राजस्थान की सराहना की, जहाँ पहले ही दिन बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित किए गए। वहीं उन्होंने ओडिशा और पश्चिम बंगाल से शेष ग्राम पंचायतों में जल्द कार्य शुरू करने का आग्रह किया तथा झारखंड से योजना की अधिसूचना जारी कर आवश्यक बजटीय प्रावधान करने को कहा। जिन राज्यों में भारतीय रिजर्व बैंक से संबंधित खाते या अन्य औपचारिकताएँ अभी लंबित हैं, उन्हें भी निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए गए।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार का उद्देश्य ग्रामीण श्रमिकों को सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराना, समय पर मेहनताना सुनिश्चित करना और ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि पहले की योजना को पूरे देश में लागू होने में लगभग 3 वर्ष लगे थे, जबकि VB-G-RAM-G को केवल एक ही दिन में पूरे देश में लागू कर दिया गया। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, राज्यों के सहयोग और देश की प्रशासनिक क्षमता का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया।
मंत्री ने बताया कि VB-G-RAM-G के तहत मजदूरी दरों में औसतन 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। अब देश के किसी भी राज्य में दैनिक मजदूरी ₹.300 से कम नहीं होगी। उनके अनुसार यह निर्णय ग्रामीण श्रमिकों की आय बढ़ाने और उनकी सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना के प्रभावी संचालन के लिए धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। पहली किस्त राज्यों से प्राप्त मांग के आधार पर जारी की गई है। उन्होंने कहा कि ग्राम सभाएँ और ग्राम पंचायतें स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों का चयन करें, ताकि ग्रामीण विकास अधिक सहभागी और समावेशी बन सके।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि फेस प्रमाणीकरण, भू-चिह्नांकन तथा अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं को पूरी तरह लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि योजना में किसी भी प्रकार की अनियमितता या धोखाधड़ी के लिए कोई स्थान नहीं है और सरकार पूरी पारदर्शिता, विश्वसनीयता तथा उच्च गुणवत्ता वाली ग्रामीण परिसंपत्तियों के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि ग्रामीण विकास मंत्रालय ने संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में क्षेत्रीय अधिकारियों की नियुक्ति की है। ये अधिकारी राज्यों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखेंगे और योजना के क्रियान्वयन से जुड़ी समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करेंगे।

