Punjab Politics: पंजाब कांग्रेस में असंतोष अब खुलकर सामने आने लगा है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के मोरिंडा के घर पर उनके समर्थक नेताओं की अहम बैठक हुई, जिसमें कई बड़े कांग्रेस नेताओं ने हिस्सा लिया है। बैठक में पूर्व उपमुख्यमंत्री ओपी सोनी, पूर्व मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, सुखबिंदर सिंह सुख सरकारिया, गुरप्रीत सिंह कांगड़, भारत भूषण आशु, राणा गुरजीत सिंह और गुरकीरत कोटली, पूर्व सांसद मोहम्मद सादिक, पूर्व विधायक दर्शन सिंह बराड़, लखवीर सिंह लखा, मदनलाल जलालपुर, अंगद सिंह सैनी, हरमिंदर सिंह गिल, कुशलदीप सिंह ‘किक्की’ ढिल्लों और पूर्व पंजाब यूथ कांग्रेस अध्यक्ष बरिंदर सिंह ढिल्लों सहित कई नेता पहुंचे।
नई टीम के फैसलों से नाराज बताया जा रहा चन्नी गुट
सूत्रों के मुताबिक, विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस द्वारा गठित अलग-अलग समितियों में किए गए फैसलों से चरणजीत सिंह चन्नी गुट नाराज है। पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और प्रताप सिंह बाजवा को नेता प्रतिपक्ष के पद पर बरकरार रखा है। इसी फैसले के बाद चन्नी समर्थकों में असंतोष बढ़ा है और आगे की रणनीति तय करने के लिए यह बैठक बुलाई गई।
‘वडिंग के नेतृत्व में कांग्रेस चुनाव नहीं जीत सकती’
बैठक में पहुंचे पूर्व विधायक दर्शन सिंह बराड़ ने खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के नेतृत्व में कांग्रेस चुनाव नहीं जीत सकती। बराड़ ने कहा कि वह चाहते हैं कि चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया जाए और आगामी विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री का चेहरा भी वही हों। उन्होंने यह भी कहा कि ‘चन्नी के बिना सरकार नहीं बन सकती।’ हालांकि, बैठक में मौजूद दूसरे अधिकांश नेताओं ने इस मुद्दे पर सार्वजनिक बयान देने से परहेज किया।
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