पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच अब अहम मोड़ पर पहुंच गई है।आज रविवार सुबह करीब 6:30 बजे पुणे ग्रामीण पुलिस आरोपी सिया गोयल को लोहागढ़ किले लेकर पहुंची। पुलिस सीन रीक्रिएशन के जरिए ये समझने की कोशिश कर रही है कि आखिर हत्या कैसे हुई थी।
घटनास्थल पर दोहराया गया पूरा घटनाक्रम
पुलिस ने सिया से उस जगह की पहचान कराई, जहां से उसने अपने कथित प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर केतन को गहरी खाई में धक्का दिया था। जांच टीम ने यह भी देखा कि आरोपी जिस तरह की कहानी बता रहे हैं, क्या घटनास्थल की परिस्थितियां उससे मेल खाती हैं या नहीं।
सीन रीक्रिएशन का क्या है उद्देश्य
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आरोपी जिस स्थान का जिक्र कर रहे हैं, वहां से धक्का देना संभव था या नहीं।
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घटना उसी क्रम में हुई थी, जैसा पूछताछ में बताया गया।
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आरोपियों के बयान और मौके से मिले सबूतों में कोई विरोधाभास तो नहीं है।
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पुलिस का दावा- शादी नहीं करना चाहती थी सिया
पुलिस जांच के अनुसार, 20 वर्षीय सिया गोयल की सगाई केतन अग्रवाल से हुई थी, लेकिन वह यह शादी नहीं करना चाहती थी। इसी दौरान उसका 22 वर्षीय चेतन चौधरी के साथ प्रेम संबंध था। जांच में पुलिस का दावा है कि परिवार और समाज में बदनामी के डर से सिया ने रिश्ता तोड़ने के बजाय केतन को रास्ते से हटाने की साजिश रची। पुलिस के मुताबिक, केतन को घूमने के बहाने लोहागढ़ किले बुलाया गया और वहां उसे खाई में धक्का दे दिया गया।
क्या है पूरा मामला?
18 जून को पुणे के 26 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की लोहागढ़ किले से गिरने के बाद मौत हो गई थी। शुरुआत में इसे हादसा माना गया था, लेकिन पुलिस जांच में मामला हत्या का निकला। पुलिस का आरोप है कि घटना के समय सिया गोयल के साथ उसका प्रेमी चेतन चौधरी भी मौके पर मौजूद था। दोनों ने पहले से बनाई गई योजना के तहत केतन को खाई में धक्का दिया। पूछताछ और अन्य सबूतों के आधार पर दोनों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
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