जम्मू-कश्मीर में आगामी अमरनाथ यात्रा(Amarnath Yatra) को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियां तेज हो गई हैं। यात्रा शुरू होने से पहले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास में नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने संयुक्त मॉक ड्रिल का आयोजन किया। इस अभ्यास का मकसद किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया क्षमता और समन्वय का परीक्षण करना था।
मॉक ड्रिल के दौरान सुरक्षा कर्मियों ने विभिन्न परिस्थितियों का अभ्यास किया। इसमें विशेष रूप से ऐसी स्थिति को शामिल किया गया जिसमें किसी आतंकी घटना के दौरान श्रद्धालुओं को बंधक बनाए जाने की आशंका हो। जवानों ने बंधकों को सुरक्षित बाहर निकालने, हमलावरों को निष्क्रिय करने और पूरे क्षेत्र को नियंत्रण में लेने की रणनीतियों का प्रदर्शन किया।
त्वरित कार्रवाई पर जोर
अभ्यास के दौरान सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, तेज निर्णय क्षमता और त्वरित कार्रवाई पर विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के अभ्यास वास्तविक परिस्थितियों में सुरक्षा बलों को अधिक प्रभावी ढंग से कार्य करने में मदद करते हैं।
श्रद्धालुओं के लिए आधार शिविर तैयार
भगवती नगर स्थित यात्री निवास, जो जम्मू से अमरनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं का प्रमुख आधार शिविर माना जाता है वहां भी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। कमरों की मरम्मत, बिजली व्यवस्था और रंग-रोगन का कार्य पूरा कर लिया गया है। जल्द ही इस परिसर को पर्यटन विभाग को सौंपा जाएगा ताकि यात्रियों के लिए अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
3 जुलाई से शुरू होगी पवित्र यात्रा
इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से आरंभ होने जा रही है। इससे पहले 2 जुलाई को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा भगवती नगर से श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को रवाना करेंगे। यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी और तैयारियों में जुटी हुई हैं।