अयोध्या स्थित राम मंदिर(Ram Mandir) में प्राप्त दान और चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर उठे सवालों के बीच गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप दी है। बताया जा रहा है कि यह रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव (गृह) और मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया था।
बड़ी संख्या में लोगों से हुई पूछताछ
जांच टीम ने ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों, पुजारियों, बैंक प्रतिनिधियों, नकदी गणना से जुड़े कर्मचारियों तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों सहित 100 से अधिक लोगों से बातचीत की। जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई गईं जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जा सकती है।
गणना प्रक्रिया में किए गए बदलाव
मामले के सामने आने के बाद चढ़ावे की गणना में लगे लगभग 40 कर्मचारियों को इस कार्य से अलग कर दिया गया है। उनकी जगह बैंक और ट्रस्ट की ओर से नए कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है। साथ ही दान में प्राप्त नकदी और आभूषणों की निगरानी व्यवस्था को भी अधिक सख्त बनाया गया है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
शहर न छोड़ने के दिए गए निर्देश
आपको बता दें कि मंदिर में चंदा चोरी के विवाद में जिन भी लोगों से अभी तक पूछताछ की गई है उनसे साफ तौर पर कहा गया है कि जब तक इस मामले का निपटारा नहीं हो जाता या फिर जांच प्रक्रिया पूरी तरह से संपन्न नहीं हो जाती तब तक कोई भी यह शहर छोड़कर बाहर न जाए। इसी के साथ जांच एजेंसियां पूरे मामले की डिजिटल रिकॉर्ड भी तैयार करने में लगी हुई हैं जिससे की भविष्य में कोई भी परेशानी न आए।
कुछ प्रमुख व्यक्तियों से भी हुई पूछताछ
जांच के दौरान रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू से भी कई दौर की पूछताछ की गई। बताया जाता है कि जांच टीम ने उनके करीबी संपर्कों, सहयोगियों और अन्य संबंधित पहलुओं की भी जानकारी जुटाई है। हालांकि, अभी तक किसी व्यक्ति के खिलाफ आधिकारिक रूप से दोष सिद्ध नहीं हुआ है।