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विमेंस क्रिकेट में नए युग की शुरुआत… अब मां बनने के बाद भी खत्म नहीं होगा करियर, महिला खिलाड़ियों के लिए जारी हुई नई ‘मदरहुड पॉलिसी’

ICC Motherhood Policy: महिला क्रिकेट के इतिहास में एक बड़ा और बेहतरीन बदलाव करते हुए इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने महिला खिलाड़ियों के लिए नई मदरहुड पॉलिसी जारी की है। इस पॉलिसी के जरिए महिला क्रिकटर्स को मां बनने और अपना क्रिकेट करियर जारी रखने के बीच चुनने की जरुरत नहीं पड़ेगी। इंग्लैंड में खेले जा रहे महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 के रेस्ट डे के दौरान ICC ने अपनी नई ‘रिटर्न टू प्ले पोस्ट-प्रेगनेंसी गाइडलैंस’ लॉन्च की है, जिसका लक्ष्य बच्चे के जन्म के बाद महिला खिलाड़ियों को सुरक्षित और सम्मानजनक तरह से टीम में वापसी कराना है।

खिलाड़ियों और बोर्ड्स को मिलेगा रोडमैप

ICC की यह गाइडलाइन महिला खिलाड़ियों, कोच और क्रिकेट बोर्ड के लिए एक आसान गाइड की तरह काम करेगी। इसके जरिए प्रेग्नेंसी और जन्म के बाद खिलाड़ी को शारीरिक, मानसिक और पेशेवर रूप से जरुरी सहयोग दिया जाएगा, ताकि उसकी मैदान पर वापसी बहुत आसानी से हो सके।

6 Rs मॉडल पर आधारित है पूरी नीति

नई मदरहुड पॉलिसी को 6 Rs के खास फ्रेमवर्क पर तैयार किया गया है। इसमें रेडी, रिव्यू, रिस्टोर, रिकंडिशन, रिटर्न और रिफाइन जैसे पॉइंट्स शामिल हैं। इसके तहत प्रसव के बाद रिकवरी, रोजाना मेडिकल जांच, अच्छी शारीरिक क्षमता, क्रिकेट फिटनेस और मैदान पर वापसी के बाद लगातार निगरानी पर जोर दिया गया है।

खिलाड़ियों को मिलेगी ज्यादा सुविधाएं

ICC की गाइडलाइन में खिलाड़ियों और उनके परिवारों के लिए कई सहायक प्रावधान भी शामिल किए गए हैं। इसके तहत स्टेडियम में ही बच्चों को दूध पिलाने और उनकी देखभाल के लिए सही स्थान उपलब्ध कराने, लचीला ट्रेनिंग माहौल देने, चाइल्डकेयर संबंधी सलाह और यात्रा के दौरान हरसंभव मदद करने की व्यवस्था की जाएगी।

‘बच्चा पैदा होने का मतलब करियर का अंत नहीं’

इस नीति को तैयार करने में अहम भूमिका निभाने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम की डॉक्टर और ICC मेडिकल एडवाइजरी कमेटी की सदस्य डॉ. फिलिपा इंगे ने कहा कि, ‘यह पहल खिलाड़ियों को यह दिखाने के लिए डिजाइन की गई है कि बच्चा पैदा होने का मतलब आपके करियर का अंत नहीं है। कई सदस्य देशों के पास अतीत में ऐसी नीतियां नहीं थीं और हमारा लक्ष्य इसे ऐसा बनाना है जिसे हर देश अपने स्थानीय कानूनों और माहौल के हिसाब से आसानी से ढाल सके।’

कई खिलाड़ियों ने पहले ही पेश की है मिसाल

हाल के सालों में कई महिला क्रिकेटरों ने मां बनने के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सफल वापसी कर यह साबित किया है कि मातृत्व और खेल करियर साथ-साथ चल सकते हैं। हालांकि अब तक किसी आधिकारिक वैश्विक गाइडलाइन के अभाव में खिलाड़ियों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता था।

अफी फ्लेचर और बिस्माह मारूफ बनीं प्रेरणा

वेस्टइंडीज की अनुभवी लेग स्पिनर अफी फ्लेचर ने वर्ष 2021 में बेटे को जन्म दिया था और वह वर्तमान में महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा ले रही हैं। वहीं पाकिस्तान की पूर्व कप्तान बिस्माह मारूफ अपनी नवजात बेटी फातिमा को 2022 विश्व कप के दौरान साथ लेकर पहुंची थीं। हाल ही में उन्होंने एक बेटे को भी जन्म दिया है।

अन्य खिलाड़ियों ने भी वापसी कर रचा इतिहास

दक्षिण अफ्रीका की तेज गेंदबाज मसाबाता क्लास ने 2013 में मां बनने के बाद अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का बड़ा हिस्सा खेला। भारत की स्नेहा दीप्ति को छोटे बच्चे की मां होने के बावजूद 2023 के पहले महिला प्रीमियर लीग सीजन में दिल्ली कैपिटल्स ने टीम में शामिल किया था। न्यूजीलैंड की लॉरेन डाउन और एमी सैटर्थवेट ने भी मैटरनिटी लीव के बाद सफल वापसी कर महिला क्रिकेट में नई मिसाल कायम की है।

महिला क्रिकेट के लिए शानदार पॉलिसी

ICC की यह नई मदरहुड पॉलिसी महिला क्रिकेट के लिए एक शानदार फैसला मानी जा रही है। इससे न केवल खिलाड़ियों को मातृत्व के दौरान बेहतर सहयोग मिलेगा, बल्कि दुनिया भर के क्रिकेट बोर्ड्स को भी महिला खिलाड़ियों की वापसी को लेकर दिशा-निर्देश प्राप्त होंगे। इससे भविष्य में अधिक महिला क्रिकेटरों को परिवार और करियर के बीच संतुलन बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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Yogita Tyagi
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योगिता त्यागी एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, मनोरंजन, धर्म और लाइफस्टाइल विषयों में विशेष रुचि है। वर्तमान में वह Mhone News के राजनीतिक, धर्म और मनोरंजन सेक्शन के लिए सक्रिय रूप से लेखन कर रही हैं। डिजिटल मीडिया में तीन वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्होंने अपने करियर में कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों- जैसे दैनिक भास्कर, पंजाब केसरी, इंडिया डेली लाइव और ITV नेटवर्क में योगदान दिया है। योगिता ने गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (GGSIPU) से मास कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है, जिसने उनके डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में गहन, प्रभावशाली और विश्वसनीय लेखन की मजबूत नींव रखी है।
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