पुणे में पुलिस ने एक खुद को भगवान बताने वाले राधामोहन मिश्रा बाबा और उसके सात सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि बाबा ने एक महिला को अपने प्रभाव में लेकर वर्षों तक उसका यौन शोषण किया, उसे परिवार से अलग होने और पति से तलाक लेने के लिए मजबूर किया।
‘भगवान का अवतार’ बताकर महिला को फंसाया
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, राधेश्याम मिश्रा उर्फ राधामोहन मिश्रा वाघोली के उबाले नगर इलाके में एक गुरुकुल चलाता था। जांच में सामने आया है कि महिला करीब 2010 में उसके संपर्क में आई थी। आरोप है कि मिश्रा और उसके सहयोगियों ने महिला समेत कई अनुयायियों को यह विश्वास दिलाया कि वह भगवान का अवतार है।
यौन शोषण और प्रताड़ना के आरोप
शिकायत के मुताबिक, 2010 से 2016 के बीच महिला के साथ यौन शोषण किया गया। आरोप है कि उसे शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया, बिजली के झटके दिए गए और उसके आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया गया। महिला का यह भी आरोप है कि बाबा ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर उसके परिवार को डराने-धमकाने की कोशिश भी किया।
पुलिस ने दर्ज किया केस
पुलिस के अनुसार, महिला से आश्रम और बाबा के लिए चोरी भी करवाई गई। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि अनुयायियों को अमानवीय और अपमानजनक गतिविधियों के लिए मजबूर किया जाता था। इन सभी आरोपों की जांच की जा रही है। पुलिस ने आश्रम पर छापेमारी के दौरान एक भूमिगत कमरे से बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य सामग्री बरामद की। इनमें 12 लैपटॉप, 11 मोबाइल फोन, 19 हार्ड ड्राइव, कई पेन ड्राइव और कैसेट शामिल हैं। इसके अलावा करीब 6.5 लाख रुपये नकद, 15 लाख रुपये के आभूषण और कुछ दवाइयां और संदिग्ध पदार्थ भी बरामद किए गए हैं। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। इस मामले में पुलिस ने 8 लोगों को गिरफ्तार किया है।
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