केरलम(Kerala) के कोल्लम जिले में एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से रह रहे 10 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी कोट्टारक्करा इलाके में की गई छापेमारी के दौरान हुई जहां ये सभी लोग बिना वैध अनुमति के रह रहे थे और अलग-अलग कामों में लगे हुए थे।
सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई खुफिया जानकारी के आधार पर की गई थी जिसके बाद ATS की टीम ने इलाके में निगरानी बढ़ाकर संदिग्धों को हिरासत में लिया।
पहचान पत्र और आधार कार्ड बरामद
गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों के पास से कई प्रकार के भारतीय पहचान दस्तावेज भी बरामद हुए हैं, जिनमें आधार कार्ड शामिल हैं। इसके अलावा अन्य पहचान पत्र भी मिले हैं जिनकी प्रामाणिकता की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि ये दस्तावेज असली हैं या फिर फर्जी तरीके से तैयार किए गए हैं। इसी कारण सभी कागजातों को फॉरेंसिक और प्रशासनिक जांच के लिए भेज दिया गया है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि ये लोग भारत में कब और किन रास्तों से दाखिल हुए और यहां किस तरह की गतिविधियों में शामिल थे।
लगातार पूछताछ कर रही टीम
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि गिरफ्तार सभी व्यक्ति बांग्लादेश के नागरिक हैं और बिना वैध वीजा या दस्तावेजों के भारत में रह रहे थे। ATS की टीम अब इनसे लगातार पूछताछ कर रही है ताकि उनके नेटवर्क और संपर्कों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।अधिकारियों का फोकस इस बात पर भी है कि क्या ये लोग किसी संगठित नेटवर्क का हिस्सा हैं या फिर अकेले काम कर रहे थे।
जांच एजेंसियों को संदेह है कि यह मामला सिर्फ अवैध प्रवास तक सीमित नहीं हो सकता। इसी वजह से उनके संपर्कों, आर्थिक गतिविधियों और संभावित सहयोगियों की भी गहराई से जांच की जा रही है। ATS यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इनके पीछे कोई बड़ा गिरोह या मददगार नेटवर्क सक्रिय है जो अवैध रूप से लोगों को भारत में लाने और बसाने में शामिल हो सकता है।
पहले भी सामने आ चुके हैं मामले
केरल में अवैध प्रवासियों के खिलाफ यह कोई पहली कार्रवाई नहीं है। इससे पहले 5 जून को कोच्चि के पलारीवट्टम क्षेत्र में भी पुलिस ने इसी तरह की कार्रवाई करते हुए 10 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया था। उस मामले में ये सभी लोग एक किराए के मकान में रह रहे थे और कबाड़ (स्क्रैप) का काम करते पाए गए थे।
जांच में यह भी सामने आया था कि यह समूह ट्रेन के माध्यम से कोच्चि पहुंचा था। उनकी उम्र लगभग 22 से 40 वर्ष के बीच थी। उस समय भी उनके पास से कई दस्तावेज बरामद किए गए थे जिनकी विस्तृत जांच की गई थी।
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