HomeBreaking Newsगाजियाबाद में 25 करोड़ की सरकारी जमीन से हटाया गया अवैध मदरसा,...

गाजियाबाद में 25 करोड़ की सरकारी जमीन से हटाया गया अवैध मदरसा, बुलडोजर कार्रवाई के बाद संचालक पर केस दर्ज

Ghaziabad Illegal Madrasa Bulldozer Action: गाजियाबाद में सूर्या हत्याकांड के बाद अवैध अतिक्रमणों के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चेतावनी के बाद मसूरी थाना क्षेत्र के कल्लुगढ़ी गांव में सरकारी जमीन पर बने अवैध मदरसे को ध्वस्त कर दिया गया है। प्रशासन के अनुसार कार्रवाई के दौरान करीब 25 करोड़ रुपये की जमीन को कब्जे से मुक्त कराया गया है।

संचालक के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा

प्रशासन ने बताया कि मसूरी के कल्लुगढ़ी गांव स्थित मदरसा जामिया अरबिया इशातुल इस्लाम को लेकर लेखपाल अनुपम मिश्रा की शिकायत पर मसूरी थाने में FIR दर्ज की गई है। मदरसे के संचालक फारुक बेग के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 तथा अवैध कब्जे से संबंधित धारा 329(3) और 329(4) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी दिल्ली का निवासी बताया गया है और उसकी तलाश की जा रही है।

12 बीघा जमीन पर बना था मदरसा

प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक यह मदरसा करीब 12 बीघा जमीन पर बना हुआ था। परिसर में सात कमरों का निर्माण किया गया था और वर्ष 2021 से यहां गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। जांच में सामने आया कि जिस जमीन पर मदरसा बनाया गया था, वह सरकारी बंजर भूमि के रूप में दर्ज है।

भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुई कार्रवाई

बुधवार को प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़े स्तर पर कार्रवाई की। किसी भी घटना से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। सुरक्षा व्यवस्था में 3 प्लाटून RAF, 2 कंपनी पीएसी, दूसरे जोन से 500 पुलिसकर्मी, स्थानीय स्तर पर 300 पुलिसकर्मी, 8 थाना प्रभारी तथा एंटी राइड गन से लैस जवानों को लगाया गया था।

ग्राम सभा की जमीन कब्जाने पर लगाया जुर्माना

अधिकारियों के अनुसार मदरसे के संचालक पर ग्राम सभा की जमीन पर कब्जा करने का आरोप भी है। इस मामले में उस पर 1 करोड़ 23 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि पर किए गए कब्जे को पूरी तरह हटाकर जमीन को मुक्त करा लिया गया है।

विदेशी फंडिंग के एंगल की भी जांच

प्रशासन को मदरसे के निर्माण और संचालन में विदेशी फंडिंग की आशंका भी है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह जांच की जाएगी कि संस्थान को धन कहां से प्राप्त होता था और किस प्रकार सात कमरों वाला मदरसा तैयार किया गया। गाजियाबाद के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार और एडिशनल सीपी राजकरण नायर ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।

Read More:

बिहार में मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल में आग लगने से 5 लोगों की मौत, स्वास्थ्य मंत्री की चुप्पी पर उठा सवाल

Yogita Tyagi
Yogita Tyagihttps://mhone.in/
योगिता त्यागी एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, मनोरंजन, धर्म और लाइफस्टाइल विषयों में विशेष रुचि है। वर्तमान में वह Mhone News के राजनीतिक, धर्म और मनोरंजन सेक्शन के लिए सक्रिय रूप से लेखन कर रही हैं। डिजिटल मीडिया में तीन वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्होंने अपने करियर में कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों- जैसे दैनिक भास्कर, पंजाब केसरी, इंडिया डेली लाइव और ITV नेटवर्क में योगदान दिया है। योगिता ने गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (GGSIPU) से मास कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है, जिसने उनके डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में गहन, प्रभावशाली और विश्वसनीय लेखन की मजबूत नींव रखी है।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments