जम्मू-कश्मीर(Jammu and Kashmir) के राजौरी जिले के मंजाकोट क्षेत्र में आतंकियों की तलाश के लिए चलाया जा रहा व्यापक सुरक्षा अभियान लगातार 12वें दिन भी जारी है। डोरी माल के घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों में सेना, पुलिस और केंद्रीय बलों की संयुक्त टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। हालांकि अब तक आतंकियों का कोई स्पष्ट सुराग हाथ नहीं लग पाया है लेकिन सुरक्षा एजेंसियां अभियान को पूरी गंभीरता और सतर्कता के साथ आगे बढ़ा रही हैं।
आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद शुरू किए गए ‘ऑपरेशन शेरूवाली’ में सेना की विशेष पैरा कमांडो इकाइयों के साथ जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की विशेष आतंकरोधी टीमें भी शामिल हैं। जंगलों के भीतर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार तलाशी अभियान चलाया जा रहा है ताकि आतंकियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और उन्हें भागने का मौका न मिले।
हर बार बच निकले आतंकी
अभियान के दौरान पिछले 12 दिनों में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच पांच बार आमना-सामना होने की जानकारी सामने आई है। हर बार आतंकियों की मौजूदगी का संकेत मिला लेकिन वे घने जंगलों, खतरनाक पहाड़ी रास्तों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों का फायदा उठाकर नजरों से ओझल हो गए। यही वजह है कि अभियान अपेक्षा से अधिक लंबा खिंच गया है।
ड्रोन और हेलीकॉप्टर से रखी जा रही पैनी नजर
सुरक्षा बल आधुनिक तकनीक का भी व्यापक उपयोग कर रहे हैं। संवेदनशील इलाकों की निगरानी के लिए अत्याधुनिक ड्रोन तैनात किए गए हैं, जबकि हवाई निगरानी के लिए हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है। इसके अलावा जंगल के अंदर और आसपास के क्षेत्रों में गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विभिन्न तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
आतंकियों तक पहुंचने के लिए खोजी कुत्तों की विशेष टीमों को भी अभियान में लगाया गया है। तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों को जंगल के कुछ हिस्सों में ऐसे स्थान मिले हैं जहां आतंकियों के अस्थायी ठहरने की संभावना जताई जा रही है। इन स्थानों से खाद्य सामग्री, दैनिक उपयोग का सामान और कुछ जगहों पर खून के निशान भी मिले हैं। सुरक्षा एजेंसियां इन संकेतों के आधार पर आतंकियों की गतिविधियों का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं।
कब तक जारी रहेगा अभियान ?
सुरक्षा एजेंसियों का स्पष्ट कहना है कि जब तक पूरे क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं कर दिया जाता तब तक अभियान जारी रहेगा। अधिकारियों के अनुसार, आतंकियों को पकड़ने या उनके खतरे को पूरी तरह समाप्त करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। फिलहाल राजौरी के जंगलों में सुरक्षाबलों की सघन तलाशी और निगरानी का अभियान लगातार जारी है।