Punjab : गुरदासपुर के कलानौर स्थित एक निजी अस्पताल में ग्रेनेड हमले के मुख्य संदिग्ध को पुलिस और काउंटर इंटेलिजेंस की टीम ने घटना के कुछ ही घंटे बाद वैज्ञानिक और तकनीकी तरीकों से की गई जांच के आधार पर तरनतारन से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी तरनतारन का ही रहने वाला है जिसकी पहचान धर्मिंदर उर्फ़ तिंडी के रूप में हुई है।
बीते दिन हुआ था ग्रेनेड हमला
एसएसपी आदित्य ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि बीते दिन (मंगलवार) दोपहर करीब 3 बजे पुलिस को मुल्तानी अस्पताल में तेज धमाके की सूचना मिली थी, जिसके बाद मौके पर पहुंची को शुरूआती जांच में अस्पताल की खिड़कियां टूटी हुई मिली साथ ही घटनास्थल पर कई स्प्लिंटर (बम के छर्रों) के निशान भी मौजूद थे।
15 मिनट तक खड़ा रहा नकाबपोश बदमाश
घटना के वक्त अस्पताल के बाहर एक नकाबपोश व्यक्ति लगभग 15 मिनट तक खड़ा रहा, बाद में वह इमरजेंसी वार्ड की ओर गया जहां कुछ लोग मौजूद थे जैसे ही लोग वहां से हटे उसने ग्रेनेड फेंक दिया। घटना के तुरंत बाद मौके पर पहुंची टीम ने फॉरेंसिक जांच कराई, जिससे स्पष्ट हुआ कि विस्फोट ग्रेनेड से हुआ था और बम के छर्रे (स्प्लिंटर) भी मिले। अस्पताल की कई खिड़कियां टूट गईं।
आरोपी पर पहले से NDPS एक्ट दर्ज
शुरुआती जांच और सीसीटीवी फुटेज की खंगालने के बाद पुलिस ने अलग‑अलग इकाइयों को जोड़कर जांच तेज कर दी और तकनीकी मॉनिटरिंग के जरिए आरोपी का पता लगाकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपी के खिलाफ पहले से NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज है।
भीड़ में नहीं किया हमला, नहीं तो होता भारी नुकसान
फिलहाल पुलिस अभी यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने इस वारदात को किसके कहने पर अंजाम दिया और क्या इसकी कोई बड़ी साजिश थी। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि आरोपी ने ग्रेनेड रिसेप्शन के पास फेंकने का बजाए एक किनारे पर फेंका अगर आरोपी भीड़ के वक्त ग्रेनेड फेंकता तो बड़ा नुकसान हो सकता था।
एसएसपी ने बताया कि अस्पताल के मालिक को पिछले साल भी किसी कॉल के जरिए परेशानी की जानकारी मिली थी, जिस पर उचित कार्रवाई हुई थी, लेकिन हाल ही में कोई ताजा धमकी की बात सामने नहीं आई थी, फिलहाल पुलिस आरोपी से हमले के पीछे का मकसद जानने के लिए पूछताछ कर रही है।

