Suspended DIG Bhullar Case: चंडीगढ़ में रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के मामले में फंसे पंजाब पुलिस के सस्पेंड डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। सीबीआई की विशेष अदालत ने भुल्लर और उनके परिवार से जुड़े 26 बैंक अकाउंट फ्रीज रखने के आदेश दिए हैं। अदालत ने साफ किया है कि जांच पूरी होने तक इन खातों से कोई रकम निकाली नहीं जा सकेगी। मामले में सह-आरोपी कृष्णु शारदा पर भी जांच एजेंसियों का शिकंजा कसता जा रहा है।
CBI के बाद ED भी हुई सतर्क
इस हाईप्रोफाइल मामले में अब CBI के साथ ED ने भी जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, ईडी जल्द ही पंजाब के कुछ आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को पूछताछ के लिए नोटिस भेज सकती है। जांच एजेंसियों को हाल ही में कई नए और अहम सबूत मिले हैं, जिनके आधार पर अफसरों की भूमिका की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
11 ठिकानों पर हुई थी छापेमारी
जांच एजेंसियों ने इससे पहले डीआईजी भुल्लर के चंडीगढ़ स्थित घर समेत कुल 11 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इन रेड के दौरान कई दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक सबूत जब्त किए गए थे। अदालत ने सीबीआई की प्रारंभिक जांच यानी पीई से जुड़ी अर्जी को भी मंजूरी दे दी है, जिससे एजेंसी को मामले की गहराई से जांच करने का रास्ता मिल गया है।
अदालत ने खारिज की थी याचिका
विशेष अदालत पहले ही डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर और सह-आरोपी कृष्णु शारदा की उस याचिका को खारिज कर चुकी है, जिसमें उन्होंने संज्ञान आदेश को चुनौती दी थी। वहीं, सीबीआई की रोजाना सुनवाई की मांग वाली अर्जी भी अदालत ने स्वीकार नहीं की थी। इसके बाद एजेंसी ने नए सिरे से सबूत जुटाने शुरू किए।
सामने आए 14 अफसरों के नाम
सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद भुल्लर से पांच दिन तक पूछताछ की गई थी। पूछताछ के दौरान उसने खुलासा किया कि पंजाब के कई अफसर पटियाला के एक प्रॉपर्टी डीलर के जरिए निवेश करते थे। इसी दौरान जांच एजेंसी को 14 अधिकारियों की जानकारी मिली, जिनमें 10 आईपीएस और 4 आईएएस अधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि 10 आईपीएस अधिकारियों में से 8 अभी भी फील्ड में अहम जिम्मेदारियों पर तैनात हैं, जबकि दो अधिकारी पंजाब पुलिस अकादमी में कार्यरत हैं। वहीं चारों आईएएस अधिकारियों का किसी न किसी रूप में मंडी गोबिंदगढ़ से संबंध बताया जा रहा है।
प्रॉपर्टी डीलर के ठिकानों से मिले दस्तावेज
CBI ने जानकारी मिलने के बाद पटियाला और लुधियाना में प्रॉपर्टी डीलर के ठिकानों पर छापेमारी की थी। वहां से कई अहम दस्तावेज और निवेश से जुड़े रिकॉर्ड जब्त किए गए। जांच एजेंसी अब इन दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है, ताकि पैसों के लेनदेन और संपत्ति निवेश के नेटवर्क को समझा जा सके।
कृष्णु शारदा के मोबाइल से मिले कई लिंक
सीबीआई ने अदालत में पेश की गई अपनी प्रोग्रेस रिपोर्ट में बताया कि सह-आरोपी कृष्णु शारदा के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, शारदा कई अधिकारियों के साथ मिलकर कथित भ्रष्ट डीलिंग में शामिल था।
सीबीआई का दावा है कि कृष्णु शारदा केसों की जांच प्रभावित करने, ट्रांसफर-पोस्टिंग करवाने, आर्म्स लाइसेंस बनवाने, एफआईआर दर्ज करवाने और पहले से दर्ज एफआईआर रद्द करवाने जैसे कामों में भूमिका निभाता था। जांच एजेंसी के मुताबिक, ऐसे करीब 50 अधिकारियों के लिंक सामने आए हैं, जिनमें आईएएस और आईपीएस अफसर भी शामिल बताए जा रहे हैं।
अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ जांच शुरू
नए सबूत मिलने के बाद सीबीआई ने कुछ अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क में किन-किन अफसरों की भूमिका रही और भ्रष्टाचार का दायरा कितना बड़ा था। आने वाले दिनों में कई बड़े अधिकारियों से पूछताछ होने की संभावना जताई जा रही है।
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