Shri Hemkund Sahib Yatra: गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब से बुधवार को सिखों के सबसे पवित्र धाम श्री हेमकुंड साहिब यात्रा का पहला जत्था रवाना हो गया है। पंच प्यारों की अगुवाई में श्रद्धालुओं ने ‘जो बोले सो निहाल’ के जयकारों के साथ यात्रा शुरू की। इस दौरान श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिला।
दिल्ली के उपराज्यपाल और मंत्री ने दिखाई हरी झंडी
यात्रा के शुभारंभ मौके पर तरनजीत सिंह संधू और उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने श्रद्धालुओं को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भी शामिल होना था, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी के अंतिम संस्कार के कारण वे कार्यक्रम में नहीं पहुंच सके।
23 मई को खुलेंगे कपाट
इस वर्ष श्री हेमकुंड साहिब के कपाट 23 मई को श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। पहला जत्था तीन दिन की यात्रा के बाद धाम पहुंचेगा। श्रद्धालु सड़क मार्ग से गोविंदघाट तक जाएंगे और वहां से घांघरिया होते हुए करीब 19 किलोमीटर का कठिन पैदल ट्रैक पूरा करेंगे।
4300 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है धाम
श्री हेमकुंड साहिब समुद्र तल से करीब 4,300 मीटर से अधिक ऊंचाई पर स्थित है। ऊंचाई वाले इलाकों में अभी भी कई जगह बर्फ जमी हुई है। यात्रा शुरू होने से पहले भारतीय सेना और प्रशासन की टीमों ने रास्ते से बर्फ हटाकर मार्ग को सुरक्षित बनाया।
सुरक्षा और स्वास्थ्य के विशेष इंतजाम
प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर सुरक्षा, स्वास्थ्य जांच, ठहरने और आपदा प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए हैं। ऑक्सीजन की कमी और ठंड को देखते हुए मेडिकल टीमें भी तैनात की गई हैं। अधिकारियों के मुताबिक श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य जांच के बाद ही आगे जाने की अनुमति दी जा रही है।
श्रद्धालुओं की बढ़ी आवाजाही
यात्रा शुरू होने के साथ ही उत्तराखंड में सिख श्रद्धालुओं की आवाजाही भी तेज हो गई है। होटल, गुरुद्वारों और पड़ाव स्थलों पर यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
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