प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से देशवासियों से एक साल तक शादी और अन्य कार्यक्रमों के लिए सोना खरीदने से बचने की अपील के बाद सर्राफा बाजार में हलचल तेज हो गई है। हैदराबाद में आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए PM मोदी ने लोगों से अपनी आर्थिक आदतों में बदलाव लाने और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहयोग देने की बात कही थी। प्रधानमंत्री की इस अपील के बाद ज्वेलरी कारोबार से जुड़े लोगों में चिंता बढ़ गई है, क्योंकि भारत में शादी-ब्याह के मौसम में सोने की खरीद सबसे अधिक होती है। व्यापारियों का मानना है कि अगर बड़ी संख्या में लोग इस अपील का पालन करते हैं तो सोने के कारोबार पर बड़ा असर पड़ सकता है।
शादी के सीजन में सबसे ज्यादा होती है बिक्री
भारत में पारंपरिक रूप से शादी समारोहों में सोने के गहनों का विशेष महत्व माना जाता है। आमतौर पर विवाह के दौरान दुल्हन को बड़ी मात्रा में सोने के आभूषण दिए जाते हैं। बाजार से जुड़े जानकारों के अनुसार, एक शादी में औसतन 50 से 100 ग्राम तक सोने की ज्वेलरी खरीदी जाती है। देश में सालभर होने वाले कुल सोने के कारोबार का बड़ा हिस्सा शादी के सीजन में होता है। अनुमान है कि वार्षिक सोना कारोबार करीब 3 लाख करोड़ रुपये का है, जिसमें 60 से 70 प्रतिशत हिस्सेदारी विवाह सीजन की रहती है। ऐसे में व्यापारियों को आशंका है कि प्रधानमंत्री की अपील का सीधा असर बिक्री पर पड़ सकता है।
विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव की चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री की अपील के पीछे देश के विदेशी मुद्रा भंडार और आयात खर्च को लेकर चिंता हो सकती है। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश सोना विदेशों से आयात करता है और इसके लिए डॉलर में भुगतान करना पड़ता है। इसी समय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार पर अतिरिक्त दबाव बढ़ रहा है। हाल के आंकड़ों के अनुसार, भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार गिरावट दर्ज की गई है।
ऊंची कीमतों से पहले ही प्रभावित था बाजार
सोने की कीमतें पहले से ही रिकॉर्ड स्तर पर बनी हुई हैं। फिलहाल सोना प्रति 10 ग्राम करीब 1.50 लाख रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है। इससे पहले जनवरी में कीमतें और अधिक बढ़ने के कारण बाजार में खरीदारी धीमी पड़ गई थी। हालांकि बाद में कीमतों में कुछ नरमी आने पर बिक्री में फिर तेजी आई थी। व्यापारियों का कहना है कि यदि मांग में कमी आती है तो इसका असर कीमतों और पूरे सर्राफा बाजार पर पड़ सकता है। सर्राफा कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि शादी के सीजन में बिक्री पर असर पड़ने से छोटे व्यापारियों और कारीगरों की आजीविका भी प्रभावित हो सकती है। फिलहाल बाजार की नजर इस बात पर टिकी है कि आम लोग प्रधानमंत्री की अपील को किस हद तक अपनाते हैं और आने वाले महीनों में सोने की मांग में कितना बदलाव आता है।
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