HomeBreaking Newsबंगाल से तमिलनाडु तक 5 राज्यों में काउंटिंग जारी... हर वोट कीमती,...

बंगाल से तमिलनाडु तक 5 राज्यों में काउंटिंग जारी… हर वोट कीमती, फिर भी नहीं गिने जाते ये वोट! जानिए क्यों?

Assembly Elections 2026: देश के पांच राज्यों में जारी मतगणना के बीच हर सीट पर कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। मतगणना केंद्रों पर सुबह से ही गतिविधियां तेज हैं और उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला धीरे-धीरे सामने आ रहा है। ऐसे माहौल में हर वोट बेहद अहम हो जाता है, क्योंकि कई सीटों पर जीत-हार का अंतर बहुत कम होता है।

किन वोटों को नहीं गिना जाता

चुनाव में आमतौर पर हर वोट को महत्वपूर्ण माना जाता है, लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में ऐसे वोट भी होते हैं जिन्हें गिनती में शामिल नहीं किया जाता। Election Commission of India के नियमों के तहत यह व्यवस्था चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए लागू की गई है।

क्या होता है टेंडर्ड वोट?

टेंडर्ड वोट उस स्थिति में डाला जाता है जब कोई मतदाता मतदान केंद्र पर पहुंचता है और उसे पता चलता है कि उसके नाम पर पहले ही वोट डाला जा चुका है। अगर वह अपनी पहचान साबित कर देता है, तो उसे अलग बैलेट पेपर दिया जाता है। इस वोट को सील कर अलग रखा जाता है और सामान्य गिनती में शामिल नहीं किया जाता। हालांकि, यदि चुनाव परिणाम बेहद करीबी हो और अदालत निर्देश दे, तो इन वोटों की गिनती की जा सकती है।

कैसे बनता है अमान्य वोट

कई बार मतदाता की छोटी गलती भी वोट को अमान्य बना देती है। उदाहरण के लिए, यदि कोई मतदाता बैलेट पेपर पर एक से अधिक उम्मीदवारों को चुन लेता है, सही स्थान पर निशान नहीं लगाता या ऐसा चिह्न बनाता है जिससे यह स्पष्ट न हो कि वोट किसे दिया गया है, तो वह वोट रद्द कर दिया जाता है। ऐसे वोट सीधे गिनती से बाहर कर दिए जाते हैं।

पोस्टल बैलेट में नियमों का पालन जरूरी

पोस्टल बैलेट के जरिए डाले गए वोटों में भी नियमों का पालन अनिवार्य होता है। यदि मतदाता फॉर्म सही तरीके से नहीं भरता, हस्ताक्षर नहीं करता या समय सीमा के भीतर बैलेट जमा नहीं करता, तो उसका वोट अमान्य हो सकता है। ऐसे मामलों में भी वोटों की गिनती नहीं की जाती।

गड़बड़ी वाले बूथ के वोट कैंसिल

अगर किसी मतदान केंद्र पर हिंसा, गड़बड़ी या तकनीकी खराबी की पुष्टि होती है, तो चुनाव आयोग उस बूथ का मतदान रद्द कर सकता है। ऐसे में वहां पड़े सभी वोटों को अमान्य मान लिया जाता है और कई बार पुनर्मतदान कराया जाता है।

फर्जी वोटिंग पर सख्ती

यदि कोई व्यक्ति फर्जी पहचान के आधार पर या नियमों के खिलाफ वोट डालता है, तो उसका वोट भी खारिज कर दिया जाता है। चुनाव आयोग इस तरह की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखता है, ताकि निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित किया जा सके। इन सभी नियमों का उद्देश्य यही है कि चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी और विश्वसनीय बनी रहे। भले ही हर वोट महत्वपूर्ण होता है, लेकिन नियमों के उल्लंघन या तकनीकी कारणों से कुछ वोटों को गिनती से बाहर रखना जरूरी हो जाता है।

Read More:

कौन कहां आगे और कौन पीछे, बंगाल से तमिलनाडु तक 5 राज्यों के मुख्यमंत्रियों की सीटों पर बड़ा उलटफेर

Yogita Tyagi
Yogita Tyagihttps://mhone.in/
योगिता त्यागी एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, मनोरंजन, धर्म और लाइफस्टाइल विषयों में विशेष रुचि है। वर्तमान में वह Mhone News के राजनीतिक, धर्म और मनोरंजन सेक्शन के लिए सक्रिय रूप से लेखन कर रही हैं। डिजिटल मीडिया में तीन वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्होंने अपने करियर में कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों- जैसे दैनिक भास्कर, पंजाब केसरी, इंडिया डेली लाइव और ITV नेटवर्क में योगदान दिया है। योगिता ने गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (GGSIPU) से मास कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है, जिसने उनके डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में गहन, प्रभावशाली और विश्वसनीय लेखन की मजबूत नींव रखी है।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments