भारतीय पहलवान विनेश फोगाट(Vinesh Phogat) ने पहली बार सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार किया है कि बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन शोषण के आरोप लगाने वाली छह महिला खिलाड़ियों में वह खुद भी शामिल हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अपनी बात रखते हुए बताया कि अब तक उन्होंने अपनी पहचान इसलिए छिपाकर रखी थी क्योंकि मामला अदालत में लंबित है और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश पीड़ितों की पहचान उजागर न करने की बात कहते हैं।
तीन साल पहले उठा था मुद्दा
विनेश के अनुसार, करीब तीन साल पहले महिला पहलवानों ने इस मुद्दे पर आवाज उठाई थी और उसी आधार पर शिकायत दर्ज की गई थी। फिलहाल यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है और गवाहियों की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश थी कि बिना नाम सामने आए ही कानूनी कार्रवाई आगे बढ़े लेकिन परिस्थितियों ने उन्हें सामने आने के लिए मजबूर कर दिया।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा हालात में बृजभूषण के प्रभाव वाले माहौल में जाकर मुकाबला करना उनके लिए सहज नहीं है। उनका आरोप है कि रेसलिंग प्रशासन में अब भी बृजभूषण का प्रभाव बना हुआ है और कई महत्वपूर्ण भूमिकाओं में उनके करीबी लोग शामिल हैं जिससे निष्पक्ष प्रतियोगिता पर सवाल उठते हैं।
क्या है विनेश की मांग ?
विनेश ने सरकार और खेल मंत्रालय की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि खिलाड़ियों की चिंताओं के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि ऐसे माहौल में प्रतियोगिता होती है और किसी तरह की अनहोनी होती है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों पर होगी। उन्होंने साफ किया कि उन्हें किसी तरह का विशेष लाभ नहीं चाहिए, बल्कि उनकी मांग केवल इतनी है कि मुकाबले पूरी तरह निष्पक्ष हों और खिलाड़ियों की जीत-हार उनके प्रदर्शन के आधार पर तय की जाए।
दरअसल, Wrestling Federation of India(WFI) द्वारा गोंडा में रैंकिंग टूर्नामेंट और ट्रायल आयोजित करने के फैसले के बाद यह मुद्दा फिर से चर्चा में आया है। विनेश का कहना है कि जिस स्थान पर ये ट्रायल हो रहे हैं, वहां निष्पक्षता को लेकर संदेह है, क्योंकि व्यवस्थाओं पर कथित तौर पर बृजभूषण का प्रभाव है।