PM Modi Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 133वें एपिसोड में कहा कि आज जब दुनिया तनाव और संघर्ष के दौर से गुजर रही है, ऐसे समय में भगवान बुद्ध के विचार पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। उन्होंने कहा कि शांति की शुरुआत व्यक्ति के भीतर से होती है और आत्म-विजय ही सबसे बड़ी विजय है। पीएम ने यह भी बताया कि कुछ महीने बाद बुद्ध पूर्णिमा मनाई जाएगी, जिसकी उन्होंने देशवासियों को अग्रिम शुभकामनाएं दीं।
वैश्विक स्तर पर बुद्ध विचारों का प्रसार
पीएम मोदी ने बताया कि दक्षिण अमेरिका के चिली में एक संस्था भगवान बुद्ध के विचारों को आगे बढ़ाने का काम कर रही है। यह इस बात का संकेत है कि भारत की आध्यात्मिक धरोहर आज पूरी दुनिया में लोगों को प्रेरित कर रही है और शांति के संदेश को मजबूत कर रही है।
विज्ञान और सिविल न्यूक्लियर प्रोग्राम पर दिया जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने हमेशा विज्ञान को देश की प्रगति से जोड़ा है। इसी सोच के तहत देश का सिविल न्यूक्लियर प्रोग्राम आगे बढ़ रहा है, जो राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि इससे औद्योगिक विकास, ऊर्जा क्षेत्र, स्वास्थ्य सेवाओं और कृषि समेत कई क्षेत्रों को लाभ मिल रहा है। साथ ही, नवाचार और स्टार्टअप इकोसिस्टम को भी इससे मजबूती मिली है।
पवन ऊर्जा से भारत को मिली नई पहचान
पीएम मोदी ने पवन ऊर्जा को भारत की अदृश्य लेकिन बेहद महत्वपूर्ण शक्ति बताया। उन्होंने कहा कि यह ऊर्जा देश के विकास में नई कहानी लिख रही है। हाल ही में भारत ने पवन ऊर्जा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है, जो ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कच्छ की धरती और फ्लैमिंगो सिटी की खूबसूरती पर की बात
प्रधानमंत्री ने गुजरात के कच्छ क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि बारिश के बाद यह क्षेत्र फिर जीवंत हो उठता है। हर साल यहां लाखों फ्लैमिंगो आते हैं, जिससे पूरा इलाका गुलाबी रंग में बदल जाता है। स्थानीय लोग इन्हें ‘लाखा जी के बाराती’ कहते हैं और यह परंपरा अब पर्यावरण संरक्षण का सुंदर उदाहरण बन चुकी है। पीएम ने कहा कि पूर्वोत्तर भारत को अष्टलक्ष्मी के रूप में देखा जाता है, जहां अपार प्रतिभा और प्राकृतिक सुंदरता है। उन्होंने बताया कि बांस, जिसे पहले बोझ माना जाता था, आज रोजगार, नवाचार और कारोबार का बड़ा जरिया बन चुका है। इससे विशेषकर महिलाओं को आर्थिक मजबूती मिल रही है।
डिजिटल जनगणना 2027 की तैयारी
प्रधानमंत्री ने बताया कि देश में जनगणना 2027 की तैयारी चल रही है, जिसे पूरी तरह डिजिटल बनाया गया है। इस बार डेटा मोबाइल ऐप के माध्यम से दर्ज किया जाएगा। नागरिक खुद भी अपनी जानकारी पहले से भर सकेंगे, जिससे प्रक्रिया और आसान हो जाएगी। उन्होंने कहा कि यह दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल जनगणना होगी।
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