अमेरिका और ईरान के बीच घोषित सीजफायर के बावजूद पश्चिम एशिया में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। ताजा घटनाक्रम में ईरान ने दुनिया की सबसे अहम तेल आपूर्ति मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है, जिससे वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही ठप
जानकारी के मुताबिक, होर्मुज से गुजरने वाले सभी तेल टैंकरों और जहाजों की आवाजाही फिलहाल रोक दी गई है। कई जहाज बीच रास्ते में फंस गए हैं और ईरानी नौसेना ने स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल इस समुद्री मार्ग से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों पर गंभीर असर पड़ सकता है, क्योंकि दुनिया का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से ऊर्जा आपूर्ति पर निर्भर है।
लेबनान पर इजरायली हमले से बढ़ा विवाद
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का सीजफायर लागू हुआ है। हालांकि, इजरायल ने लेबनान पर हमले जारी रखे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार लेबनान के एयरपोर्ट के पास बमबारी हुई है। इजरायल पहले ही स्पष्ट कर चुका था कि यह सीजफायर लेबनान पर लागू नहीं होगा, क्योंकि वहां हिजबुल्लाह सक्रिय है। व्हाइट हाउस ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि लेबनान इस समझौते का हिस्सा नहीं है।
ईरान की कड़ी चेतावनी
ईरान की ओर से अब आक्रामक रुख देखने को मिल रहा है। एक वरिष्ठ सूत्र ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका अपने “सहयोगी” इजरायल को नहीं रोकता, तो ईरान खुद कार्रवाई करेगा। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने भी कहा है कि लेबनान पर हुए हमलों का जवाब दिया जाएगा। अधिकारियों का दावा है कि सीजफायर पूरे क्षेत्र के लिए होना चाहिए था, लेकिन इजरायल लगातार इसका उल्लंघन कर रहा है।
वैश्विक असर की आशंका
मरीन ट्रैफिक डेटा के अनुसार फिलहाल होर्मुज से कोई जहाज नहीं गुजर रहा है। एक जहाज ने अंतिम समय में अपना रास्ता बदलकर वापस लौटने का फैसला लिया। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह गतिरोध जारी रहा, तो तेल और गैस की कीमतों में उछाल आ सकता है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ेगा।
अनिश्चित बना हुआ है सीजफायर
हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की घोषणा हुई है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं। ईरान ने साफ कर दिया है कि अगर क्षेत्र में हमले नहीं रुके, तो वह इस समझौते से पीछे हट सकता है। इस बीच, पूरी दुनिया की नजरें अब पश्चिम एशिया पर टिकी हुई हैं, जहां हालात किसी भी वक्त और गंभीर रूप ले सकते हैं।
Read More
ग्लोबल टेंशन के बीच इंडियन इकॉनोमी ने दिए खुशी के संकेत! GDP ग्रोथ की रफ्तार रहेगी बरकरार…

