दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार (8 अप्रैल) सुबह आईटीओ स्थित स्टेट जीएसटी कार्यालय का अचानक निरीक्षण कर प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। बिना पूर्व सूचना के हुए इस दौरे से अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।
कई अधिकारी नहीं रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पाया कि कई कर्मचारी और अधिकारी उपस्थित नहीं थे। कुछ कमरे बंद मिले, जबकि कई डेस्क खाली पड़ी थीं। इस स्थिति पर उन्होंने मौके पर ही नाराजगी जताई और वरिष्ठ अधिकारियों से जवाब मांगा।
जांच करने के लिए दिए आदेश
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि दफ्तर की पूरी उपस्थिति रिपोर्ट तत्काल प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि हर कर्मचारी की हाजिरी, आने-जाने का समय और पिछले दिनों का रिकॉर्ड उनके कार्यालय को भेजा जाए।
“जनता के काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं” – CM रेखा गुप्ता
सीएम रेखा गुप्ता ने स्पष्ट कहा कि सरकारी दफ्तर जनता की सेवा के लिए होते हैं। यदि अधिकारी समय पर उपस्थित नहीं होंगे, तो आम लोगों के काम प्रभावित होंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना कारण अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दफ्तर में आए लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। कई लोगों ने बताया कि उन्हें अपने काम के लिए बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं और फाइलें लंबे समय तक लंबित रहती हैं।
तय समय में काम पूरा करने के निर्देश
इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि जनता को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। सीएम ने साफ संकेत दिया कि भविष्य में भी ऐसे औचक निरीक्षण जारी रहेंगे। उन्होंने कर्मचारियों को चेताया कि कोई यह न माने कि पहले से सूचना दी जाएगी। स्टेट जीएसटी विभाग व्यापारियों से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों को संभालता है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग आते हैं। ऐसे में लापरवाही सीधे जनता को प्रभावित करती है।
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