नुवान तुषारा ने आईपीएल 2026 में खेलने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए कोलंबो डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने कोर्ट से मांग की है कि श्रीलंका क्रिकेट को उन्हें ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ (NOC) जारी करने का आदेश दिया जाए। इस मामले की सुनवाई 9 अप्रैल के लिए तय की गई है।
क्रिकेट बोर्ड के शीर्ष अधिकारी बनाए गए पक्षकार
अपनी याचिका में नुवान तुषारा ने श्रीलंका क्रिकेट के अध्यक्ष शम्मी सिल्वा, सचिव बंडुला दिसानायके, कोषाध्यक्ष सुजीवा गोडालियाड्डा और सीईओ एशले डी सिल्वा को प्रतिवादी बनाया है। यह मामला अब बोर्ड और खिलाड़ी के बीच सीधा टकराव बन गया है।
RCB ने किया था IPL के लिए चयन
याचिका में बताया गया है कि नुवान तुषारा को आईपीएल 2026 के लिए RCB ने चुना था। इससे पहले वह 2024 और 2025 में भी NOC मिलने के बाद इस लीग में हिस्सा ले चुके हैं।
फिटनेस के आधार पर NOC से इनकार
श्रीलंका क्रिकेट ने इस बार फिटनेस मानकों को पूरा न करने का हवाला देते हुए NOC देने से इनकार कर दिया। हालांकि खिलाड़ी का कहना है कि यह निर्णय अनुचित है और उनकी फिटनेस पहले जैसी ही है, जिसके आधार पर उन्हें पहले NOC दिया जा चुका है।
कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने और संन्यास का हवाला
नुवान तुषारा ने कोर्ट को बताया कि उनका बोर्ड के साथ अनुबंध 31 मार्च 2026 को समाप्त हो चुका है। उन्होंने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया था कि वह इस कॉन्ट्रैक्ट को आगे नहीं बढ़ाएंगे और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर हो जाएंगे। इसके अलावा, उन्हें यह भी संकेत मिल चुका था कि उन्हें राष्ट्रीय टीम में नहीं चुना जाएगा।
करियर और कमाई पर खतरे की आशंका
याचिका में यह भी कहा गया है कि अगर NOC नहीं मिला तो उनकी आईपीएल टीम उन्हें बदल सकती है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान और करियर के अवसरों पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कोर्ट से अनुरोध किया है कि उन्हें NOC पाने का अधिकार घोषित किया जाए।
कोर्ट से तत्काल राहत की मांग
नुवान तुषारा ने अंतरिम और स्थायी आदेश जारी करने की मांग की है, ताकि उन्हें आईपीएल और अन्य विदेशी लीग में खेलने की अनुमति मिल सके। फिलहाल कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 9 अप्रैल को तय की है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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