हिमाचल प्रदेश में एंट्री टैक्स को लेकर चल रहे विवाद पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सदन में महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने साफ किया कि सरकार पहले जैसी व्यवस्था बहाल करेगी और लोगों में फैले भ्रम को जल्द दूर किया जाएगा।
क्या कहा मुख्यमंत्री ने?
सरकार ने पहले टोल टैक्स और अन्य फीस को मिलाकर FASTag से जोड़ दिया था, लेकिन अब इसे फिर से अलग-अलग लिया जाएगा। टोल टैक्स और एंट्री फीस को लेकर गलतफहमी फैल रही है, जिसे सरकार स्पष्ट करेगी।
नए शुल्क क्या होंगे?
सरकार ने दोबारा समीक्षा के बाद पुराने रेट लागू करने का फैसला किया है:
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5 सीटर कार: ₹70
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6 से 12 सीटर वाहन: ₹110
भारी वाहनों के लिए शुल्क
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6 टायर ट्रक: ₹320
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10 से 14 टायर (डबल एक्सल): ₹570
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12 चक्का गाड़ी: लगभग ₹40 की बढ़ोतरी (केवल बड़े वाहनों पर असर)
पंजाब से भी होगी बातचीत
सीएम भगवंत मान से इस मुद्दे पर बातचीत करेंगे, क्योंकि इस फैसले का असर अंतरराज्यीय यातायात और कानून-व्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
विवाद क्यों बढ़ा?
विपक्ष और कुछ विधायकों का कहना है कि:
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इससे आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा
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पंजाब-हिमाचल सीमा पर तनाव या प्रशासनिक दिक्कतें बढ़ सकती हैं
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लंबे समय में इसके नकारात्मक प्रभाव हो सकते हैं
कुल मिलाकर: सरकार अब स्थिति को संतुलित करने के लिए पुराने शुल्क ढांचे पर लौट रही है और जल्द ही पूरे मामले पर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर सकती है।
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