पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल रही है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 अप्रैल को कूच बिहार में रैली को संबोधित करेंगे। यह इस चुनाव के लिए उनकी पहली जनसभा होगी, जिसे बीजेपी के लिए अहम माना जा रहा है।
बीजेपी ने झोंकी पूरी ताकत
बीजेपी ने अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है और पार्टी के बड़े नेता राज्य में सक्रिय हो चुके हैं। कार्यकर्ता भी जमीनी स्तर पर प्रचार में जुटे हैं। पार्टी की योजना है कि पहले दो चरणों के नामांकन के बाद 9 अप्रैल से प्रचार को और तेज किया जाएगा।
कूच बिहार क्यों है अहम?
कूच बिहार बीजेपी के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण सीट मानी जाती है। 2021 विधानसभा चुनाव में पार्टी ने यहां की 9 में से 8 सीटों पर जीत हासिल की थी। हालांकि 2024 लोकसभा चुनाव में पार्टी को झटका लगा और तृणमूल ने यह सीट छीन ली। इसलिए बीजेपी अब इस क्षेत्र में अपनी खोई हुई पकड़ को मजबूत करने में जुटी है। पिछले साल पीएम मोदी ने कूच बिहार और अलीपुरद्वार के लिए 1,010 करोड़ रुपये की शहरी गैस परियोजना की आधारशिला रखी थी, जिसे विकास के एजेंडे के तौर पर पेश किया जा रहा है।
घोषणापत्र में देरी
बीजेपी का घोषणापत्र अभी जारी नहीं हुआ है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इसे जारी करने वाले थे, लेकिन कुछ बदलावों के चलते इसमें देरी हो गई। फिलहाल पार्टी ने तृणमूल सरकार के खिलाफ 14 बिंदुओं का आरोप पत्र जारी किया है।
विशेषज्ञों की टीम कर रही तैयारी
घोषणापत्र तैयार करने का काम अर्थशास्त्री अशोक लाहिड़ी के नेतृत्व में एक टीम कर रही है, जो पिछले एक महीने से इस पर काम कर रही है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी इस प्रक्रिया में शामिल रहे हैं। विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी नंदीग्राम से नामांकन दाखिल करेंगे, जहां केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान मौजूद रहेंगे। वहीं भबानीपुर से नामांकन के दौरान अमित शाह के भी शामिल होने की संभावना है।
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