भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने 1 अप्रैल 2026 से टोल व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव लागू कर दिया है। अब टोल प्लाजा पर नकद लेनदेन पूरी तरह बंद कर दिया गया है और सभी वाहनों के लिए फास्टैग अनिवार्य कर दिया गया है।
टोल दरों में 5 से 25 रुपये तक की बढ़ोतरी
नई व्यवस्था के तहत वार्षिक फास्टैग शुल्क 3,000 रुपये से बढ़ाकर 3,075 रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा, टोल दरों में 5 से 25 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है, जिससे आम वाहन चालकों से लेकर व्यवसायिक वाहनों तक सभी पर असर पड़ेगा।
एनएचएआइ के आदेश के अनुसार, 31 मार्च 2026 की रात 12 बजे के बाद से नई दरें लागू हो गई हैं। अब बिना फास्टैग के किसी भी वाहन को टोल प्लाजा से गुजरने की अनुमति नहीं होगी। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम टोल वसूली को पूरी तरह डिजिटल बनाने और जाम की समस्या कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
कानपुर परिक्षेत्र में आने वाले पांच प्रमुख टोल प्लाजा- बाराजोड़-अनंतराम (इटावा-चकेरी हाईवे), अलियापुर-खन्ना (कबरई-कानपुर हाईवे), बडौरी-कटोघन (कानपुर-प्रयागराज हाईवे), अकवाबाद (उन्नाव-लालगंज हाईवे) और बसीपुर-नेवादा कांठी (अलीगढ़-कानपुर हाईवे) पर नई दरों से वसूली की जा रही है। इन टोल प्लाजा पर अधिकतर श्रेणियों में 5 से 25 रुपये तक की वृद्धि की गई है।
नकद भुगतान पर पूरी तरह रोक
एनएचएआइ के परियोजना निदेशक पंकज यादव ने बताया कि नई दरों की सूची जारी कर दी गई है और सभी टोल प्लाजा पर 31 मार्च की रात से नई दरों के अनुसार वसूली हो रही है। उन्होंने कहा कि नकद भुगतान पर पूरी तरह रोक लगाने से टोल प्लाजा पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और वाहन चालकों को बिना रुके तेज गति से आवागमन की सुविधा मिलेगी।
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