पंजाब सरकार ने इस बार मंडियों में दूसरे राज्यों से आने वाले गेहूं(wheat) पर कड़ी नजर रखने का फैसला किया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक ने अधिकारियों के साथ बैठक में साफ निर्देश दिए कि बाहरी गेहूं की खरीद किसी भी हालत में न होने दी जाए। इसके लिए जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रकों को सख्त निगरानी रखने को कहा गया है।
मंत्री ने जानकारी दी कि राज्य में 1 अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू होगी और सभी मंडियों में जरूरी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। बारदाना पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। साथ ही अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि मंडियों में साफ-सफाई, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं पूरी तरह उपलब्ध रहें, ताकि किसानों को किसी तरह की असुविधा न हो।
सरकार ने गेहूं खरीद का लक्ष्य किया
सरकार ने इस सीजन के लिए 122 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है, जबकि विभाग ने 132 एलएमटी तक खरीद के लिए व्यवस्थाएं तैयार कर ली हैं। इसके तहत 1897 खरीद केंद्र अधिसूचित किए गए हैं और 266 अतिरिक्त अस्थायी यार्ड स्थापित करने के प्रस्ताव भी प्राप्त हुए हैं। केंद्र सरकार से अप्रैल महीने के लिए 30,973 करोड़ रुपये की नकद ऋण सीमा भी मंजूर हो चुकी है।
भंडारण पर विशेष फोकस
मंत्री ने बताया कि भंडारण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार के साथ लगातार संपर्क में रहा जा रहा है, ताकि नई फसल के लिए पर्याप्त जगह सुनिश्चित की जा सके। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे उपायुक्तों के साथ बेहतर तालमेल बनाए रखें और मंडियों में तिरपाल सहित अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता समय पर सुनिश्चित करें।