पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री लाल सिंह का शनिवार को निधन हो गया। उनकी उम्र 82 वर्ष थी और पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे। जानकारी के मुताबिक मोहाली के मैक्स अस्पताल में उनका इलाज जारी था। उनके निधन की खबर से राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है।
वित्त मंत्री के रूप में निभाई अहम भूमिका
पूर्व कैबिनेट मंत्री लाल सिंह कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार में वित्त मंत्री रह चुके थे। इसके अलावा उन्होंने पंजाब मंडी बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं। उन्हें राज्य की राजनीति में एक अनुभवी और सादगीपूर्ण नेता के तौर पर जाना जाता था।
पांच बार रहे विधायक
पूर्व कैबिनेट मंत्री लाल सिंह का राजनीतिक सफर काफी लंबा और प्रभावशाली रहा। वह पहली बार 1977 में डकाला विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे। इसके बाद 2012 तक पांच बार इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। परिसीमन के बाद उन्होंने सनौर सीट से चुनाव लड़ा और 2012 में 3907 वोटों से जीत दर्ज की। उस चुनाव में उन्हें 71,029 वोट मिले थे।
साफ-सुथरी छवि के लिए प्रसिद्ध
कांग्रेस वरिष्ठ नेता लाल सिंह की छवि एक ईमानदार और बेदाग नेता की रही। चुनावी हलफनामे के अनुसार उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं था। यही वजह थी कि उन्हें सभी दलों में सम्मान की नजर से देखा जाता था।
राजनीतिक नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
कांग्रेस वरिष्ठ नेता लाल सिंह के निधन पर केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू, शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल और कांग्रेस नेता प्रगट सिंह सहित कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया। केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि लाल सिंह का पंजाब की प्रगति और शांति में महत्वपूर्ण योगदान रहा है, जिसे हमेशा याद रखा जाएगा।
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