Quad Summit 2026: भारत की अध्यक्षता में आज मंगलवार को क्वाड समिट 2026 का आयोजन हो रहा है। विदेश मंत्रियों की इस बैठक में भारतीय विदेश मंत्री S. जयशंकर ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को वैश्विक विकास और स्थिरता का सबसे अहम केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि क्वाड देशों को समुद्री सुरक्षा मजबूत करने, आर्थिक विकल्प बढ़ाने और भरोसेमंद साझेदारी विकसित करने की दिशा में मिलकर काम करना होगा। जयशंकर ने साफ कहा कि मौजूदा समय में ग्लोबल सप्लाई चेन, कनेक्टिविटी और क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े मुद्दे दुनिया के सामने बड़ी चुनौती बन चुके हैं।
भरोसेमंद साझेदारी पर भारत का जोर
बैठक के शुरुआती संबोधन में जयशंकर ने कहा कि इंडो-पैसिफिक में शांति, स्थिरता और समृद्धि बनाए रखने के लिए ‘भरोसेमंद और ईमानदार साझेदारी’ बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि रणनीतिक विश्वास बढ़ाने, समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के लिए क्वाड देशों को साझा सोच के साथ आगे बढ़ना होगा। भारत ने इस दौरान खुले और स्वतंत्र इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की जरूरत पर भी जोर दिया।
सप्लाई चेन और कनेक्टिविटी बने अहम मुद्दे
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि दुनिया को इस समय सप्लाई चेन रेजिलिएंस, मैन्युफैक्चरिंग पर अत्यधिक निर्भरता, रिसोर्स कंसंट्रेशन और कनेक्टिविटी चोक पॉइंट्स जैसी समस्याओं से निपटना होगा। उनके मुताबिक, इन चुनौतियों से निपटने के लिए मजबूत अंतरराष्ट्रीय साझेदारी समय की मांग है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि क्वाड केवल सुरक्षा मंच नहीं, बल्कि आर्थिक और रणनीतिक सहयोग का भी जरुरी समूह बनता जा रहा है।
चीन की बढ़ती गतिविधियों के बीच हुई बैठक
क्वाड विदेश मंत्रियों की यह बैठक इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों और आक्रामक रणनीति को लेकर बढ़ती वैश्विक चिंताओं के बीच हुई। हालांकि भारत ने सीधे तौर पर चीन का नाम नहीं लिया, लेकिन बैठक में समुद्री सुरक्षा, नेविगेशन की आजादी और क्षेत्रीय संतुलन जैसे मुद्दों पर विशेष चर्चा हुई। क्वाड देशों ने क्षेत्र में नियम-आधारित व्यवस्था बनाए रखने की जरूरत पर भी सहमति जताई।
बैठक में शामिल हुए 4 देशों के विदेश मंत्री
इस अहम बैठक में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी शामिल हुए। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो का यह भारत दौरा चार दिनों का था, जो मंगलवार को समाप्त हो गया। इससे पहले 2025 में क्वाड समिट स्थगित हो गई थी, क्योंकि अमेरिकी प्रशासन की ओर से इसको लेकर सक्रियता कम दिखाई दी थी।
ऑस्ट्रेलिया-अमेरिका ने भी जताई प्रतिबद्धता
ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने कहा कि क्वाड को और अधिक मजबूत और प्रभावी बनाना समय की जरूरत है। उन्होंने शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध इंडो-पैसिफिक के लिए चारों देशों की प्रतिबद्धता दोहराई। वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि हालिया वैश्विक घटनाओं के बाद क्वाड की भूमिका और ज्यादा अहम हो गई है। उन्होंने ऊर्जा सुरक्षा, नेविगेशन की स्वतंत्रता और जरूरी खनिज संसाधनों को भविष्य की सबसे बड़ी चुनौतियों में बताया।
वैश्विक राजनीति में बढ़ रही क्वाड की भूमिका
क्वाड समूह में भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान शामिल हैं। पिछले कुछ वर्षों में यह मंच इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सामरिक संतुलन बनाए रखने के लिए अहम माना जाने लगा है। विशेषज्ञों का मानना है कि चीन की बढ़ती आर्थिक और सैन्य ताकत के बीच क्वाड की सक्रियता आने वाले समय में और बढ़ सकती है।
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