सट्टेबाजी और जुए से जुड़ी ऐप्स और वेबसाइट्स के खिलाफ सरकार ने एक बार फिर बड़ा कदम उठाया है। ताजा कार्रवाई में करीब 300 ऐसे प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक कर दिया गया है, जो ऑनलाइन बेटिंग, वर्चुअल कसीनो और जुए जैसी गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल थे। इससे पहले जनवरी में भी सरकार 242 ऐप्स पर प्रतिबंध लगा चुकी है।
अब तक 8400 प्लेटफॉर्म्स पर बैन
सरकार के अनुसार, अब तक कुल मिलाकर लगभग 8400 सट्टेबाजी और जुए से जुड़े ऐप्स व वेबसाइट्स को बैन किया जा चुका है। इनमें से करीब 4900 प्लेटफॉर्म्स को ऑनलाइन गेमिंग एक्ट लागू होने के बाद बंद किया गया है। यह आंकड़ा बताता है कि सरकार इस तरह की गैरकानूनी डिजिटल गतिविधियों के खिलाफ लगातार सख्त रुख अपना रही है।
किन प्लेटफॉर्म्स पर हुई कार्रवाई
ताजा कार्रवाई में खासतौर पर ऑनलाइन स्पोर्ट्स बेटिंग वेबसाइट्स, वर्चुअल कसीनो, और पीयर-टू-पीयर मार्केटप्लेस के रूप में काम करने वाले बेटिंग एक्सचेंज को निशाना बनाया गया। ये प्लेटफॉर्म्स बड़े पैमाने पर यूजर्स को आकर्षित कर अवैध सट्टेबाजी में शामिल कर रहे थे।
डिजिटल स्पेस को सुरक्षित बनाने की कोशिश
केंद्र सरकार का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य डिजिटल स्पेस को साफ और सुरक्षित बनाना है। साथ ही लोगों को ऑनलाइन फ्रॉड, ठगी और आर्थिक नुकसान से बचाना भी इसका अहम हिस्सा है। पिछले कुछ समय में ऐसे प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ कार्रवाई तेज की गई है।
मनी लॉन्ड्रिंग और स्कैम का खतरा
गैरकानूनी बेटिंग ऐप्स और वेबसाइट्स से कई तरह के खतरे जुड़े होते हैं। इनका इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग और डिजिटल स्कैम के लिए किया जाता है। इसके अलावा, कई लोग इन प्लेटफॉर्म्स की लत का शिकार हो जाते हैं, जिससे सामाजिक और आर्थिक समस्याएं बढ़ती हैं।
विदेश से ऑपरेट होने से बढ़ती चुनौती
इनमें से ज्यादातर प्लेटफॉर्म्स भारत के बाहर से संचालित होते हैं, जिससे इन्हें ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में सरकार इनके एक्सेस को ब्लॉक कर उपयोगकर्ताओं को सुरक्षित रखने की कोशिश कर रही है। सरकार ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी ऐसे गैरकानूनी प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि डिजिटल इकोसिस्टम को सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जा सके।
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