HomeBreaking Newsभारतीय जहाजों की सुरक्षित वापसी के लिए ईरान व अन्य देशों से...

भारतीय जहाजों की सुरक्षित वापसी के लिए ईरान व अन्य देशों से बातचीत जारी, विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी

मिडिल-ईस्ट में जारी संकट के बीच भारत सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्षेत्र में फंसे भारतीय जहाजों को सुरक्षित वापस लाना भारत की प्राथमिकता है और इस संबंध में ईरान समेत अन्य देशों से लगातार बातचीत की जा रही है।

भारतीय जहाजों की सुरक्षित वापसी पर जोर

विदेश मंत्रालय प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि कई भारतीय जहाज अभी भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्षेत्र में मौजूद हैं। भारत का उद्देश्य इन जहाजों और वहां मौजूद भारतीयों को सुरक्षित बाहर निकालना है। उन्होंने कहा कि ईरान और अन्य देशों के साथ हमारी बातचीत जारी है। हमारा लक्ष्य सभी जहाजों को सुरक्षित वापस लाना है और इसी दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। इसके साथ ही भारत ईरान के साथ मानवीय सहायता से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा कर रहा है।

ब्रिक्स के रुख पर दिया बयान

ब्रिक्स के रुख को लेकर पूछे गए सवाल पर रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस समय ब्रिक्स की अध्यक्षता भारत के पास है, लेकिन संगठन आपसी सहमति के आधार पर काम करता है। उन्होंने बताया कि मौजूदा संघर्ष में ब्रिक्स के कई सदस्य देश सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं, इसलिए सभी देशों के अलग-अलग रुख को एक मंच पर लाना फिलहाल चुनौतीपूर्ण है। हालांकि भारत सभी पक्षों के साथ संपर्क बनाए हुए है।

विदेश मंत्री की ब्रसेल्स यात्रा पर चर्चा

विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ के नेताओं के साथ बैठक के दौरान पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा की। रणधीर जायसवाल के अनुसार, जयशंकर को यूरोपीय संघ की शीर्ष प्रतिनिधि काजा कालास ने विदेश मामलों की परिषद की बैठक में आमंत्रित किया था। इस बैठक में भारत-यूरोपीय संघ संबंधों के साथ-साथ पश्चिम एशिया संकट और ऊर्जा सुरक्षा पर इसके प्रभाव पर भी चर्चा हुई।

Read More

योगी सरकार का शिक्षकों-कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी, ग्रेच्युटी बढ़कर हुई ₹25 लाख

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments