नोएडा की रहने वाली 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा जिन्होंने पाँच महीने पहले भोपाल के वकील समर्थ सिंह से शादी की थी, जिसके मौत के बाद उनके पति और ससुराल वालों पर मानसिक उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और दहेज के लिए दबाव डालने के आरोप लगाए गए हैं।
ट्विशा की मौत 12 मई की रात को हुई थी, और अब पुलिस उन परिस्थितियों की जाँच कर रही है जिनके चलते उनकी मौत हुई। इसके बाद उनके पति और सास के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है।
मौत से पहले का आखिरी फ़ोन कॉल
NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, ट्विशा के परिवार ने दावा किया कि घटना वाली रात करीब 10:05 बजे उन्होंने अपनी माँ से बात की थी और कथित तौर पर उन्हें बताया था कि उन्हें अपने ससुराल में किस तरह के उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। परिवार के एक सदस्य ने बताया, “बातचीत के दौरान, जैसे ही उनके पति कमरे में आए, उन्होंने अचानक फ़ोन काट दिया।” परिवार ने दावा किया कि ट्विशा, उनके पति और सास से संपर्क करने की बार-बार की गई कोशिशों का कई मिनटों तक कोई जवाब नहीं मिला।
रात करीब 10:15 बजे, ट्विशा की सास, गिरिबाला सिंह ने कथित तौर पर फ़ोन उठाया। परिवार ने उनसे अनुरोध किया कि वे तुरंत जाकर देखें कि ट्विशा कैसी हैं। पाँच मिनट बाद, उन्हें बताया गया कि ट्विशा “साँस नहीं ले रही हैं”।
इलाज में देरी पर उठे सवाल
ट्विशा को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके परिवार ने आरोप लगाया है कि घर के पास ही अस्पताल होने के बावजूद, उन्हें इलाज के लिए ले जाने में काफ़ी देरी की गई। मेजर हर्षित शर्मा ने आरोप लगाया, “कथित तौर पर वे रात करीब 11:30 बजे ही अस्पताल पहुँचे थे।” परिवार ने उनकी मौत से पहले की घटनाओं के क्रम पर सवाल उठाए हैं और विस्तृत जाँच की माँग की है।
मानसिक उत्पीड़न और गर्भपात का आरोप
ट्विशा के रिश्तेदारों ने उनके पति और ससुराल वालों पर शादी के दौरान लगातार मानसिक उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और ज़बरदस्ती करने का आरोप लगाया है। उनके भाई के अनुसार, ट्विशा गर्भवती थीं और वह गर्भ रखना चाहती थीं, लेकिन कथित तौर पर उन पर गर्भपात करवाने का दबाव डाला गया। उन्होंने दावा किया कि ट्विशा के चरित्र पर बार-बार सवाल उठाए गए और बच्चे की वैधता को लेकर भी आरोप लगाए गए।
उन्होंने आरोप लगाया, “लगातार मानसिक दबाव और परिवार की ज़बरदस्ती के चलते, उनका गर्भपात करवा दिया गया।” परिवार ने आगे दावा किया कि उसे दहेज से जुड़ी प्रताड़ना का सामना करना पड़ा और उस पर दबाव डाला गया कि वह अपने पिता द्वारा तोहफ़े में दिए गए लगभग 20 लाख रुपये के शेयर और निवेश अपने पति और ससुराल वालों के नाम कर दे।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में चोटों का ज़िक्र
शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्विशा की मौत “लिगेचर से लटकने” के कारण हुई, जिससे पता चलता है कि लटकने के समय वह ज़िंदा थी। रिपोर्ट में कथित तौर पर उसके शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर कई चोटों का भी ज़िक्र है। अधिकारियों ने फ़ॉरेंसिक जाँच के लिए विसरा, खून के नमूने, नाखूनों के नमूने, कपड़े और अन्य सबूत सुरक्षित रख लिए हैं।
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