हरियाणा राज्यसभा चुनाव(Haryana Rajya Sabha Election) में अब किसी उम्मीदवार को जीतने के लिए 31 नहीं बल्कि 30 विधायकों के वोट की जरूरत होगी। राज्य में कुल 90 विधायक हैं, और पहले किसी उम्मीदवार को जीतने के लिए 31 वोट चाहिए थे। लेकिन इंडियन नेशनल लोक दल (INLD) के दो विधायकों ने चुनाव में भाग नहीं लेने का निर्णय लिया, जिससे कुल विधायकों की संख्या घटकर 88 रह गई। ऐसे में अब जीत के लिए किसी भी उम्मीदवार को 88 विधायकों में से केवल 30 वोट मिलने चाहिए।
इस स्थिति में भी स्वतंत्र प्रत्याशी सतीश नांदल को कांग्रेस के कम से कम 10 विधायकों का समर्थन चाहिए। राज्यसभा चुनाव के मतदान के प्रशिक्षण के लिए कांग्रेस ने अपने विधायकों को पहले हिमाचल प्रदेश ले जाया था। मतदान से पहले सभी विधायक विधानसभा परिसर पहुंचे और नेता प्रतिपक्ष भूपिंदर सिंह हुड्डा के आवास गए, वहां से विधानसभा मतदान के लिए रवाना हुए।
क्या बोली विनेश फोगाट ?
कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट ने कहा, “हम पूरी तरह आश्वस्त हैं। हमारी पार्टी ने करमवीर सिंह बौद्ध को प्रत्याशी बनाया है। हमने पार्टी के निर्देश का पालन किया और सभी विधायक एक साथ हैं। मैं पहली बार विधायक बनी हूँ और हमारी पार्टी में कई नए विधायक हैं। हमें राज्यसभा चुनाव में मतदान की प्रक्रिया के बारे में पहले जानकारी नहीं थी, लेकिन हमें सही तरीके से समझा दिया गया।”
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा, “हमारा पूरा भरोसा है कि कांग्रेस इस चुनाव में जीतेगी। हमारे 37 के 37 विधायक कांग्रेस के पक्ष में मतदान करेंगे।” इस बीच, हरियाणा के मंत्री अनिल विज व्हीलचेयर पर विधानसभा पहुंचे और मतदान किया। विज की दोनों टांगों में फ्रैक्चर होने के कारण उन्हें व्हीलचेयर का सहारा लेना पड़ा।