समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म खान को शनिवार को रामपुर की एक अदालत ने 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान तत्कालीन ज़िलाधिकारी के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने से जुड़े एक मामले में दो साल जेल की सज़ा सुनाई और 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया।
अदालत ने आज़म खान को दोषी ठहराया
यह मामला संसदीय चुनावों के दौरान रामपुर के भोट पुलिस थाने में दर्ज किया गया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, आज़म खान ने कथित तौर पर एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए तत्कालीन ज़िलाधिकारी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं।
#WATCH | Rampur, UP | Advocate Sandeep Saxena says, "In a case pertaining to an inflammatory speech delivered by Azam Khan, in which he made derogatory and objectionable remarks against government employees, today, the MP/MLA Magistrate Court—has sentenced him to two years of… https://t.co/bMOAVzOzXQ pic.twitter.com/Z6irAh6yFJ
— ANI (@ANI) May 16, 2026
जांच के बाद पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र दायर किया और यह मामला 2019 से ही विचाराधीन था। बहस पूरी होने के बाद अदालत ने आज़म खान को दोषी पाया और उन्हें दो साल की जेल की सज़ा के साथ-साथ 20,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
2 PAN कार्ड मामले में सुनवाई जारी
इस बीच आज़म खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आज़म खान से जुड़े दो PAN कार्ड मामले में अपील पर भी सुनवाई जारी रही। बचाव पक्ष ने शुक्रवार को अभियोजन पक्ष की उस अपील पर बहस शुरू की, जिसमें इस मामले में दी गई सज़ा को बढ़ाने की मांग की गई थी। बचाव पक्ष की ओर से सुप्रीम कोर्ट के एक वकील पेश हुए और बहस अधूरी रही। अदालत ने सुनवाई की अगली तारीख 18 मई तय की है।
हाल ही में एक मजिस्ट्रेट अदालत ने दो PAN कार्ड मामले में आज़म खान और अब्दुल्ला आज़म दोनों को सात साल जेल की सज़ा सुनाई थी और उन पर 50,000-50,000 रुपये का जुर्माना लगाया था। सज़ा के खिलाफ बचाव पक्ष द्वारा और सज़ा बढ़ाने की मांग करते हुए अभियोजन पक्ष द्वारा दायर अपीलें MP-MLA सत्र अदालत में लंबित हैं।
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