पंजाब सरकार की प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर्स समिट आज यानी 13 से 15 मार्च मोहाली में शुरू हो गई है। यह समिट तीन दिनों तक चलेगी, जिसमें केवल पंजाब ही नहीं बल्कि विभिन्न देशों के कारोबारी भी हिस्सा ले रहे हैं सरकार ने इस समिट को सफल बनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसका उद्देश्य राज्य में निवेश को बढ़ावा देना और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
नई औद्योगिक नीति के साथ निवेश को बढ़ावा
मान सरकार ने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए हाल ही में 7 मार्च को नई औद्योगिक नीति भी लागू की है। इस नीति में उद्योगों को प्रोत्साहन देने और नए निवेश को आसान बनाने के लिए कई योजनाएं और सुविधाएं शामिल की गई हैं। सरकार का मानना है कि नई नीति और निवेशकों की भागीदारी से पंजाब में औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।
पलाक्षा यूनिवर्सिटी में हो रहा आयोजन
यह समिट मोहाली की आईटी सिटी स्थित पलाक्षा यूनिवर्सिटी में आयोजित की जा रही है। कार्यक्रम का शुभारंभ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने किया, जबकि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहें।
कई देशों के लिए विशेष सत्र
समिट में यूनाइटेड किंगडम, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों के लिए विशेष कंट्री-फोकस्ड सेशन आयोजित किए गए हैं। इसके अलावा मोहाली पर भी एक विशेष सत्र रखा गया है, क्योंकि पंजाब सरकार इसे सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित कर रही है। शहर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे सहित कई आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं।
कई निवेशकों के पहुंचने की उम्मीद
इस समिट में कई बड़े उद्योगपतियों के शामिल होने की संभावना है। इनमें लक्ष्मी निवास मित्तल (आर्सेलर मित्तल), सज्जन जिंदल (जेएसडब्ल्यू ग्रुप) और सुनील कांत मुंजाल (हीरो एंटरप्राइजेज) जैसे नाम शामिल हैं। हालांकि मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण कुछ देशों के प्रतिनिधि अभी तक कार्यक्रम में नहीं पहुंच सके हैं।
30 बड़े प्रोजेक्ट्स होंगे प्रदर्शित
समिट में कुल 30 बड़े प्रोजेक्ट्स प्रदर्शित किए जा रहे हैं, जिनकी कुल निवेश राशि करीब ₹27,294 करोड़ बताई जा रही है। इन परियोजनाओं से लगभग 47,067 रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। प्रमुख परियोजनाओं में लुधियाना में टाटा स्टील का संचालन शुरू होना और मोहाली में इंफोसिस के ₹286 करोड़ के विस्तार प्रोजेक्ट की आधारशिला शामिल है।