राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम(NCRTC) दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल(NCR Rapid Rail) कॉरिडोर के बाद अब राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के अन्य प्रमुख शहरों तक नमो भारत ट्रेनों का विस्तार करने की दिशा में तेज़ी से काम कर रहा है। योजना का उद्देश्य दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और फरीदाबाद को आसपास के महत्वपूर्ण शहरों से जोड़कर क्षेत्रीय आवाजाही को तेज, सुगम और विश्वसनीय बनाना है। NCR में तीन प्रमुख नए कॉरिडोर विकसित किए जाने प्रस्तावित हैं।
NCRTC ने दूसरे चरण के तहत दो महत्वपूर्ण रूट-दिल्ली-गुरुग्राम-बावल और दिल्ली-पानीपत-करनाल-की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर ली है। अधिकारियों के अनुसार, इन परियोजनाओं को केंद्र सरकार की अंतिम स्वीकृति मिलना बाकी है। स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इन दोनों कॉरिडोर को सार्वजनिक निवेश बोर्ड (PIB) से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है और इन पर लगभग 65,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
सराय काले खां-बावल कॉरिडोर
यह कॉरिडोर दिल्ली के सराय काले खां से शुरू होकर गुरुग्राम के रास्ते हरियाणा-राजस्थान सीमा पर स्थित बावल तक जाएगा। लगभग 93 किलोमीटर लंबे इस रूट पर करीब 32,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस लाइन से दिल्ली का सीधा संपर्क मानेसर और बावल जैसे बड़े औद्योगिक केंद्रों से होगा। प्रस्तावित मार्ग पर कुल 22 स्टेशन बनाए जाएंगे, जिससे हजारों यात्रियों को प्रतिदिन लाभ मिलने की उम्मीद है।
दिल्ली-पानीपत-करनाल कॉरिडोर
दूसरा प्रमुख रूट सराय काले खां से शुरू होकर पानीपत होते हुए करनाल तक जाएगा। लगभग 136 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर करीब 33,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यह कॉरिडोर सोनीपत, पानीपत और करनाल जैसे हरियाणा के प्रमुख शहरों को दिल्ली से जोड़ेगा।
जेवर एयरपोर्ट तक रैपिड कनेक्टिविटी
गाजियाबाद से जेवर एयरपोर्ट तक नमो भारत ट्रेन का एक अलग कॉरिडोर प्रस्तावित है। यह रूट गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली क्षेत्र के यात्रियों को सीधे एयरपोर्ट से जोड़ेगा। लगभग 72 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर 22 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इस परियोजना के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने भी सहमति दे दी है और इसकी डीपीआर तैयार की जा चुकी है।