प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(PM Modi) ने अपनी पांच देशों की विदेश यात्रा के दूसरे चरण में नीदरलैंड का दौरा पूरा किया। इस यात्रा के दौरान भारत और नीदरलैंड्स के बीच व्यापार, तकनीक, सेमीकंडक्टर, हरित ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और उच्च स्तरीय विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर कई अहम फैसले लिए गए। दोनों देशों ने वर्ष 2026 से 2030 तक रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने के लिए एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया है।
द हेग में प्रधानमंत्री मोदी ने डच प्रधानमंत्री रॉब जेटन के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इसके अलावा उन्होंने नीदरलैंड्स के शाही परिवार से मुलाकात की और कई बड़ी कंपनियों के प्रमुखों के साथ सीईओ राउंडटेबल चर्चा में हिस्सा लिया। इस दौरान डच उद्योग जगत ने भारत में पिछले एक दशक में हुए आर्थिक और नीतिगत बदलावों की सराहना की।
दोनों देशों के बीच हुए अहम समझौते
इस दौरे की सबसे बड़ी उपलब्धियों में सेमीकंडक्टर क्षेत्र में सहयोग को माना जा रहा है। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और ASML के बीच धोलेरा में सेमीकंडक्टर फैब परियोजना को लेकर समझौता हुआ है जिससे भारत की चिप निर्माण क्षमता को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा दोनों देशों ने रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए एक संयुक्त कार्य समूह बनाने पर सहमति जताई। डेयरी और पशुपालन क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए बेंगलुरु में इंडो-डच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का फैसला लिया गया। साथ ही दोनों देशों के संबंधित मंत्रालयों के बीच कृषि, डेयरी और फूड सिक्योरिटी से जुड़े क्षेत्रों में संयुक्त घोषणा भी हुई।
चोल वंश के तांबे की भारत वापसी
शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग के मोर्चे पर भी कई महत्वपूर्ण समझौते हुए। नालंदा विश्वविद्यालय और यूनिवर्सिटी ऑफ ग्रोनिंगन के बीच अकादमिक सहयोग के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। वहीं लेडेन यूनिवर्सिटी लाइब्रेरीज और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के बीच भी साझेदारी को लेकर सहमति बनी। इस यात्रा के दौरान चोल वंश से जुड़ी ऐतिहासिक तांबे की प्लेटों की भारत वापसी भी खास आकर्षण रही।
बिजनेस-टू-बिजनेस को संबंधों को बढ़ावा
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और नीदरलैंड्स के बीच मजबूत होते बिजनेस-टू-बिजनेस संबंधों का स्वागत करते हुए कहा कि भारत सरकार निवेशकों के लिए पारदर्शी और भरोसेमंद कारोबारी माहौल तैयार करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने डच कंपनियों को समुद्री क्षेत्र, डिजिटल तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्वास्थ्य सेवाओं और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में भारत में निवेश बढ़ाने का न्योता दिया।
भारत और यूरोपीय संघ के बीच लंबित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को जल्द अंतिम रूप देने पर भी दोनों नेताओं ने जोर दिया। उनका मानना है कि इससे सप्लाई चेन मजबूत होगी और दोनों पक्षों को आर्थिक लाभ मिलेगा। नीदरलैंड्स दौरे के बाद प्रधानमंत्री मोदी स्वीडन और नॉर्वे की यात्रा पर जाएंगे जबकि उनकी पांच देशों की यात्रा का समापन इटली में होगा।