इसरो के मुखिया रहे प्रोफेसर यूआर राव का निधन हो गया है। वो 85 साल के थे। यूआर राव भारत की सेटेलाइट क्रांति के जनक थे। उनकी अगुवाई में ही भारत का पहला उपग्रह 'आर्यभट्ट' अंतरिक्ष में भेजा गया था। प्रोफेसर यूआर राव का पूरा नाम उडुपी रामचंद्र राव था और साल 1976 में ही पद्मभूषण से सम्मानित होने के अलावा पिछले साल उन्हें भारत सरकार ने पद्म विभूषण से नवाजा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोफेसर यूआर राव के निधन पर दुख जताया है। पीएम मोदी ने कहा कि प्रो. यूआर राव के योगदान को देश कभी नहीं भूल

दिल्ली इसरो ने शुक्रवार को अंतरिक्ष के क्षेत्र में एक और कामयाबी अपने नाम की. इसरो ने पीएसएलवी-सी38 का सफल प्रक्षेपण किया है. पीएम नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, सोनिया गांधी और राहुल गांधी सहित पूरे देश के लोगों की ओर से बधाई संदेश दिए जा रहे हैं. पीएम मोदी की ओर से ट्वीट कर कहा गया कि इसरो की 40वीं सफल उड़ान के लिए बधाई! ध्रुवीय प्रक्षेपण यान से 15 देशों के 31 उपग्रहों को प्रक्षेपित कर इसरो ने देशवासियों को गर्व करने का मौका दिया है. इसरो की सफल उड़ान पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने अपनी भावनाएं व्यक्त

1992 में अमेरिका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने इंडियन स्पेस रिसर्च आर् अमेरिका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने ISRO पर प्रतिबंध लगाकर रूस को भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी के साथ क्रायोजेनिक इंजन टेक्नोलॉजी को गेनाइजेशन पर प्रतिबंध लगाकर रूस को भारतीय अंतदेने से रोक दिया, ताकि भारत मिसाइल निर्माण न कर सके। लेकिन उसके दो दशक के बाद अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने दुनिया की सबसे महंगी अर्थ इमेजिंग सेटेलाइट के विकास के लिए इसरो के साथ हाथ मिलाया है। गर्व की बात ये है कि नासा और इसरो इस सिंथेटिक अपर्चर रडार (NISAR) को 2021 में अंतरक्षित की कक्षा में स्थापित

इसरो ने जीसैट 9 लॉन्च किया । इसे श्रीहरिकोटा के स्पेस पोर्ट से जीएसएलवी-एफ09 रॉकेट के जरिए छोड़ा गया। सैटेलाइट का वजन 2,195 किलोग्राम है, जो 12-केयू बैंड के ट्रांसपोडर्स लेकर गया है। इस मिशन को अगले 12 साल तक के लिए डिजाइन किया गया है। पहले इसका नाम 'सार्क सैटेलाइट' था, लेकिन पाकिस्तान के बाहर होने के बाद इसे साउथ ईस्ट सैटेलाइट नाम दिया गया। इसे साउथ एशिया रीजन के डेवलपमेंट के लिए डिजाइन किया गया है। चूंकि, ये क्षेत्र आपदा संभावित है, इसलिए आपदा के समय ये सैटेलाइट इन देशो के बीच कम्युनिकेशन में मददगार होगा। इसके जरिए साउथ एशिया

भारत जल्द ही पूरे दक्षिण एशिया क्षेत्र के लिए एक सैटेलाइट लॉन्च करने जा रहा है, जो पाकिस्तान के अलावा बाकी सभी पड़ोसियों के लिए फायदेमंद होगा. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (इसरो) 5 मई को 'साउथ एशिया सैटेलाइट' लॉन्च कर सकता है, जिसकी 2014 में घोषणा करते हुए पीएम मोदी ने 'अपने पड़ोसी देशों के लिए उपहार' बताया था. 5 मई को श्रीहरिकोटा से होगी लॉन्चिंग इसरो के अध्यक्ष एएस किरण कुमार ने बताया कि मई के पहले हफ्ते में सैटेलाइट लॉन्च करने की योजना है और पाकिस्तान इस प्रोजेक्ट में शामिल नहीं है. इसरो सूत्रों के मुताबिक इस संचार सैटेलाइट (GSAT-9)