कानपुर कमिश्नरेट पुलिस(Kanpur Police) ने विभागीय अनुशासन को लेकर बड़ा कदम उठाया है। लंबे समय से ड्यूटी से गैरहाजिर चल रहे पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई करते हुए 14 कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं 118 अन्य पुलिसकर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है।
जानकारी के अनुसार कई पुलिसकर्मी कुछ दिनों की छुट्टी लेकर गए थे लेकिन तय समय के बाद भी वापस ड्यूटी पर नहीं लौटे। कई मामलों में विभाग को उनकी ओर से कोई सूचना तक नहीं दी गई। लगातार अनुपस्थिति को गंभीर मानते हुए अधिकारियों ने रिकॉर्ड खंगाले और जांच शुरू की जिसके बाद यह कार्रवाई सामने आई।
सस्पेंड कर्मियों में दो सब-इंस्पेक्टर भी शामिल
सस्पेंड किए गए कर्मियों में पुलिस लाइन में तैनात दो सब-इंस्पेक्टर भी शामिल बताए जा रहे हैं। कुछ कर्मचारी एक महीने से ज्यादा समय से गायब थे जबकि कुछ कई महीनों से ड्यूटी पर नहीं लौटे। सबसे ज्यादा चर्चा सिपाही दुष्यंत की हो रही है जो करीब 168 दिनों से अनुपस्थित बताए गए हैं। वहीं सब-इंस्पेक्टर मोनू सिंह भी लगभग दो महीने से गैरहाजिर हैं।
अधिकारियों का कहना है कि अनुपस्थित कर्मियों को पहले नोटिस भेजकर ड्यूटी जॉइन करने और अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया था लेकिन ज्यादातर मामलों में संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए निलंबन और नोटिस की कार्रवाई की।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है जब गैरहाजिर पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हुई हो। इससे पहले भी विभाग कई मामलों की जांच करा चुका है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी पुलिस पर होती है इसलिए ड्यूटी में लापरवाही किसी भी हाल में स्वीकार नहीं की जाएगी।
कमिश्नरेट पुलिस की इस कार्रवाई के बाद लंबे समय से गैरहाजिर चल रहे कर्मियों में बेचैनी बढ़ गई है। विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी अनुशासनहीनता पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।