दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कई राज्यों में एक साथ चलाए गए आतंकवाद-रोधी अभियान के तहत, कथित तौर पर नौ सदस्यों वाले एक नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई के बाद अब स्थानीय लोगों का ध्यान मुंब्रा के सोनाजी नगर के रहने वाले 27 वर्षीय तौकीर रिज़वान शेख की गिरफ्तारी पर केंद्रित हो गया है।
भारत के कई बड़े शहरों में आतंकी हमले करने की साज़िश
इस बड़े अभियान का मकसद एक ऐसे मॉड्यूल को निशाना बनाना है, जिसका कथित तौर पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और मुंबई के अंडरवर्ल्ड से संबंध है। अधिकारियों का दावा है कि यह मॉड्यूल भारत के कई बड़े शहरों में आतंकी हमले करने की साज़िश रच रहा था।
दिल्ली पुलिस ने तौकीर के खिलाफ भारतीय कानून की गंभीर देश-विरोधी और साज़िश से जुड़ी धाराओं के तहत औपचारिक रूप से मामला दर्ज किया है। अभियोजन पक्ष के मामले का मुख्य आधार यह आरोप है कि तौकीर, पाकिस्तान में बैठे एक कुख्यात गैंगस्टर शहज़ाद भट्टी के सीधे संपर्क में था।
जांचकर्ताओं का आरोप है कि सीमा पार से चल रहे इस गठजोड़ के ज़रिए अवैध नकद रकम सीधे तौकीर के निजी बैंक खाते में जमा कराई जाती थी। इसके अलावा, खुफिया सूत्रों का दावा है कि तौकीर ने मुंबई की कई संवेदनशील जगहों की निगरानी वाली तस्वीरें और वीडियो इकट्ठा करके उन्हें सीधे पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं तक पहुंचाया था।
परिवार का दावा
मुंब्रा में, तौकीर की मां ने आतंकवाद से जुड़े आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया है कि उनके बेटे को झूठे मामले में फंसाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पुलिस अधिकारी शुरू में तो घर में एक छोटे-मोटे कर्ज़ के मामले की जांच के बहाने घुसे थे, लेकिन बाद में वे तौकीर को हिरासत में लेकर चले गए।
उन्होंने कहा, “घर के अंदर घुसने के बाद उन्होंने अपने सवालों का रुख पूरी तरह बदल दिया और मेरे बेटे पर ये गंभीर आरोप मढ़ दिए।” उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस ने घर की तलाशी ली थी, लेकिन उन्हें वहां से ऐसा कुछ भी नहीं मिला जिससे कोई जुर्म साबित होता हो।
आतंकवाद के मामले में अपने बेटे को बेकसूर बताते हुए भी उन्होंने ईमानदारी से यह स्वीकार किया कि तौकीर कैटरिंग का काम करता था और नशे की लत से जूझ रहा था, जिसकी वजह से वह आसानी से किसी के बहकावे में आ सकता था।
उन्होंने माना कि तौकीर अक्सर फोन पर अनजान लोगों से बात करता था और “हो सकता है कि नशे की हालत में उसे गुमराह किया गया हो,” लेकिन उन्होंने इस बात को पूरी तरह से खारिज कर दिया कि वह किसी आतंकी हमले की साज़िश रचने की काबिलियत रखता था।
आर्थिक लेन-देन के मामले पर सफाई देते हुए उन्होंने बताया कि एक बार तौकीर के खाते में अचानक करीब 8,000 रुपये आ गए थे, लेकिन परिवार को इस बात की बिल्कुल भी जानकारी नहीं थी कि ये पैसे कहां से आए थे। यह जांच दिल्ली, महाराष्ट्र और पंजाब तक फैली हुई है, और अब अदालतें इस मामले में राज्य सरकार की ओर से पेश किए जाने वाले सबूतों का इंतज़ार कर रही हैं।
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